Jharkhand News: झारखंड कांग्रेस में नई प्रदेश कमेटी के गठन को लेकर अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आने लगा है. 3 मई को घोषित की गई नई कमेटी पर लोहरदगा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने न केवल कमेटी की संरचना पर नाराजगी जताई बल्कि प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कार्यशैली पर भी खुलकर हमला बोला है. सुखदेव भगत के बयान के बाद पार्टी के अंदर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है.
आदिवासी नेताओं की अनदेखी का आरोप, परिसीमन कमेटी के गठन पर जताई नाराजगी
सुखदेव भगत ने सबसे ज्यादा आपत्ति परिसीमन कमेटी को लेकर जताई. उन्होंने कहा कि झारखंड में लगातार आदिवासी सीटें कम होती जा रही हैं, ऐसे में यह बेहद अहम मुद्दा है. इसके बावजूद परिसीमन कमेटी में किसी बड़े आदिवासी नेता को शामिल नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि डॉ. रामेश्वर उरांव, प्रदीप बालमुचू और बंधु तिर्की जैसे अनुभवी नेताओं को इस प्रक्रिया से बाहर रखना समझ से परे है. भगत के अनुसार, जिन नेताओं के पास लंबे राजनीतिक अनुभव और सामाजिक समझ है, उन्हें नजरअंदाज करना पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी साधा निशाना, कहा केवल WhatsApp से मजबूत नहीं होती पार्टी
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी भी टीम को सफल बनाने में कप्तान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. अगर नेतृत्व सही दिशा में काम नहीं करेगा तो पूरी टीम कमजोर पड़ जाएगी. सुखदेव भगत ने कहा कि नेतृत्व को शुतुरमुर्ग की तरह समस्याओं से आंखें बंद नहीं करनी चाहिए बल्कि उनका सामना करना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी सिर्फ WhatsApp संवाद से मजबूत नहीं हो सकती. पार्टी को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर संवाद, सक्रियता और कार्यकर्ताओं की भागीदारी जरूरी है.
महिलाओं और युवाओं को पर्याप्त जगह नहीं मिलने का भी लगाया आरोप
नई प्रदेश कमेटी को लेकर सुखदेव भगत ने इसे असंतुलित बताया. उन्होंने कहा कि सूची में महिलाओं और युवाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है. उनके मुताबिक चयन प्रक्रिया में योग्यता से ज्यादा पसंद और नापसंद को महत्व दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे युवा नेताओं को नजरअंदाज कर दिया गया जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए जिम्मेदारियां निभाई हैं. भगत का कहना है कि अगर मेहनती और सक्रिय नेताओं को मौका नहीं मिलेगा तो पार्टी संगठन कमजोर होगा.
पेड स्टाफ को पदाधिकारी बनाने का आरोप, कांग्रेस संस्कृति के खिलाफ बताया फैसला
सुखदेव भगत ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीसीसी में पेड स्टाफ को पदाधिकारी बना दिया गया है. उन्होंने इसे कांग्रेस की परंपरा और संस्कृति के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालय में ऐसे लोगों का जन्मदिन मनाया जा रहा है जिनका कांग्रेस से कोई सीधा संबंध नहीं है. उनके अनुसार इससे पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा है.
20 मई की बैठक में जवाब मांगेंगे सुखदेव भगत, कहा मेहनत करने वालों को ज्यादा महत्व मिलना चाहिए
सुखदेव भगत ने साफ कहा कि कांग्रेस केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की मजबूती से चलती है. उन्होंने कहा कि 20 मई को होने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में वह इन सभी मुद्दों पर जवाब मांगेंगे. उन्होंने अपने बयान के अंत में कहा कि वह उस चींटी को ज्यादा महत्व देंगे जो लगातार मेहनत करती है, बजाय उस शेर के जो सोया रहता है. उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व पर सीधा तंज माना जा रहा है.