Seraikela: सरायकेला जिले समेत आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार को पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आलम यह है कि चंद लीटर ईंधन के लिए राहगीरों को तपती धूप में 3 से 4 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम जनता के बीच भारी आक्रोश है।
पूरे जिले में सूखे पेट्रोल पंप, सप्लाई ठप
ईंधन का यह संकट केवल आदित्यपुर तक सीमित नहीं है। जिले के गम्हरिया, कांड्रा, राजनगर और सरायकेला मुख्यालय स्थित लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर यही स्थिति बनी हुई है। अधिकांश पंपों पर स्टॉक खत्म के बोर्ड लटक गए हैं, और जहां पेट्रोल उपलब्ध है, वहां भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टैंकरों की आवक अचानक रुक गई है, जिससे यह किल्लत पैदा हुई है।
लाइन में धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत
घंटों इंतजार और भारी भीड़ के कारण लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। आदित्यपुर और गम्हरिया के कई पंपों पर राहगीरों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक की खबरें सामने आई हैं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई है कि कई जगहों पर मारपीट की नौबत आ गई। बाइक सवार, कार चालक और ऑटो चालक एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में उलझ रहे हैं, जबकि एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस जाम में फंसी नजर आईं।
इंडस्ट्रियल हब पर संकट, थमने लगे पहिए
आदित्यपुर एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Hub) है। यहां पेट्रोल-डीजल की कमी का सीधा असर फैक्ट्रियों और वहां काम करने वाले मजदूरों पर पड़ रहा है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग अपनी शिफ्ट पर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि साल 2026 में इस तरह के तेल संकट का सामना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा महसूस हो रहा है जैसे हम 1970 के दशक के वैश्विक तेल संकट के दौर में वापस लौट आए हैं।