Jamshedpur News: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से इंजीनियरिंग वर्कशॉप सीनी और जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सीनी में व्यापक सुरक्षा संरक्षण और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेलवे अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और रेलकर्मियों को आपदा के दौरान सुरक्षा, बचाव और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई. कार्यक्रम का उद्देश्य रेल कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और जिम्मेदार तरीके से कार्य करने के लिए तैयार करना था.
रेलवे कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन में जिम्मेदारी निभाने का दिया संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उप मुख्य कारखाना प्रबंधक गुप्तेश्वर माझी ने कर्मचारियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि यह राष्ट्र संपत्ति और लोगों की जान माल की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने सभी कर्मचारियों की उपस्थिति को अनिवार्य बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण भविष्य में किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में बेहद उपयोगी साबित होते हैं.
सिविल डिफेंस टीम ने सिखाए बचाव और राहत कार्य के महत्वपूर्ण तरीके
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर और राष्ट्रपति पदक सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कर्मचारियों को आपदा के दौरान खुद की सुरक्षा के साथ साथ राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करने की जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि किसी भी आपदा में फंसे लोगों की जान बचाना सबसे पहली प्राथमिकता होती है.
इसके साथ ही उन्होंने जीव जन्तुओं और पालतू जानवरों को भी आपदा के समय सुरक्षित निकालने और बचाव कार्य में शामिल करने के लिए प्रेरित किया. प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार कार्य करने की जानकारी दी गई ताकि जरूरत पड़ने पर वे बिना घबराहट के राहत कार्य कर सकें.
फायर सेफ्टी उपकरणों के उपयोग का कराया गया मॉक ड्रिल अभ्यास
डेमोस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने कर्मचारियों को कारखाने में उपलब्ध ड्राइ केमिकल पाउडर और कार्बन डाईऑक्साइड आधारित फायर उपकरणों के सही उपयोग की ट्रेनिंग दी. उन्होंने उपकरणों के इस्तेमाल से पहले, इस्तेमाल के दौरान और इस्तेमाल के बाद बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी. मॉक ड्रिल के जरिए कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने और आग पर नियंत्रण पाने के तरीके सिखाए गए. इससे कर्मचारियों को व्यावहारिक अनुभव भी मिला.
जोनल रेलवे प्रशिक्षण केंद्र में 170 रेलकर्मियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
वहीं जोनल रेलवे प्रशिक्षण केंद्र सीनी में स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट सहित कुल 170 रेलकर्मियों को आपदा प्रबंधन के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान फायर सर्विस, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन राहत कार्यों की जानकारी डिजिटल पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई. रेलकर्मियों को बताया गया कि किसी भी रेल दुर्घटना या आपदा की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. ऐसे समय में सही निर्णय और त्वरित कार्रवाई कई लोगों की जान बचा सकती है.