Ranchi News : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक राज कुमार के बेटे ऋषभ कुमार की नियुक्ति मामले की जांच अब तक शुरू नहीं हो सकी है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए प्रमंडलीय आयुक्त को आधे-अधूरे दस्तावेज ही उपलब्ध कराए हैं।ऋषभ कुमार की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आने के बाद सरकार ने मामले की जांच का आदेश दिया था। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से कहा गया था कि रांची उपायुक्त इसकी जांच कर रहे हैं। हालांकि विभागीय आदेश के अनुसार जांच की जिम्मेदारी प्रमंडलीय आयुक्त को सौंपी गई है।
जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ी
सरकारी आदेश मिलने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित दस्तावेज मांगे थे। लेकिन अब तक सभी जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसी वजह से जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
मामला रिम्स में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में ट्यूटर पद पर नियुक्ति से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि यह पद राज्य सरकार से स्वीकृत नहीं है। नियमों के अनुसार रिम्स को खुद से नया पद सृजित करने का अधिकार नहीं है। पद सृजन का अधिकार राज्य सरकार के पास है और इसके लिए गजट अधिसूचना जारी की जाती है।
नियमों के खिलाफ नियुक्ति का आरोप
रिम्स रेगुलेशन 2014 के अनुसार गैर-चिकित्सकों की नियुक्ति ट्यूटर या सीनियर रेजिडेंट पद पर केवल एनाटॉमी, बायोफिजिक्स और फार्माकोलॉजी विभाग में ही की जा सकती है। आरोप है कि इसके बावजूद ऋषभ कुमार की नियुक्ति हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में कर दी गई, जिसे नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।