Jamshedpur: पंजाब के गुरदासपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां जमीन के एक टुकड़े के लिए रिश्तों का कत्ल कर दिया गया। जिले के नैनेकोट गांव में एक व्यक्ति ने अपने ही सगे भाई और भाभी की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड का गहरा नाता लौहनगरी जमशेदपुर से है, जहां मृतक परिवार का लंबे समय तक निवास रहा है। घटना के बाद आरोपी ने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया है।
शाम की सैर के बाद घर में ही बरसाईं गोलियां
मृतकों की पहचान अजायब सिंह और उनकी पत्नी कोमल कौर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अजायब सिंह मूल रूप से जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित सुखिया रोड और 10 नंबर बस्ती के रहने वाले थे और करीब दो साल पहले ही पंजाब के अपने पैतृक गांव नैनेकोट शिफ्ट हुए थे। मंगलवार शाम जब अजायब सिंह टहलने के बाद आराम कर रहे थे, तभी उनके भाई अमरजीत सिंह अंबे ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उन पर फायरिंग कर दी। अजायब सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद सनकी भाई घर के अंदर घुसा और अपनी भाभी कोमल कौर को भी मौत के घाट उतार दिया।
9 एकड़ जमीन के विवाद में उजाड़ दिया परिवार
पुलिस की शुरुआती जांच में इस खूनी वारदात के पीछे जमीन का पुराना विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच करीब 9 एकड़ पैतृक जमीन को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। कई बार समझाने के बावजूद विवाद सुलझा नहीं और आखिर में मंगलवार को इसने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के बाद काहनूवान थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया, जहां पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जमशेदपुर के टिनप्लेट गुरुद्वारा से जुड़ा है परिवार
इस घटना की खबर मिलते ही जमशेदपुर के सिख समाज और सिदगोड़ा क्षेत्र में मातम पसर गया है। बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार के सदस्य तरसेम सिंह, जो टिनप्लेट गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान रह चुके हैं, अभी भी जमशेदपुर में ही रहते हैं। परिचितों ने बताया कि अजायब सिंह एक मिलनसार व्यक्ति थे और उनके इस तरह अचानक चले जाने से सुखिया रोड इलाके के लोग स्तब्ध हैं। फिलहाल परिजन पंजाब के लिए रवाना हो रहे हैं।