Jharkhand News: झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र भेजकर देश की मौजूदा आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता जताई है. पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की ओर से भेजे गए इस पत्र में 9 प्रमुख मांगें और सुझाव रखे गए हैं.
झामुमो ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अगले एक वर्ष तक विदेश यात्राएं, चुनावी रैलियां और रोड शो स्थगित किए जाएं. पार्टी ने कॉर्पोरेट कर्ज माफी पर रोक लगाने और बड़े कॉर्पोरेट हितों से जुड़े फैसलों की समीक्षा की भी मांग की है.
पत्र में प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल, जंगल और जमीन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही गई है. साथ ही इन संसाधनों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई है.
झामुमो ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों के बड़े काफिलों पर भी एक साल तक रोक लगाने का सुझाव दिया है. पार्टी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सादगी और संसाधनों के संतुलित उपयोग की जरूरत है.
इसके अलावा पत्र में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने तथा स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है.
झामुमो ने सोने को लेकर दिए गए सुझावों पर भी पुनर्विचार करने की बात कही है. पार्टी का कहना है कि यह विषय भारतीय परंपरा और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है.
पत्र में यह आशंका भी जताई गई है कि आर्थिक दबाव बढ़ने पर भविष्य में लॉकडाउन जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसका असर रोजगार, व्यापार और शिक्षा पर पड़ सकता है.