Chandranath Rath Murder Case: चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम और सीआईडी को बड़ी सफलता मिली है। देर रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन शार्प शूटर्स को गिरफ्तार किया, जिन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता लाया गया। भवानी भवन में पूरी रात इन आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। अब सभी आरोपियों को आज बारासात कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बाली टोल प्लाजा बना जांच का सबसे बड़ा सुराग
जांच के दौरान पुलिस को बाली टोल प्लाजा से अहम डिजिटल सुराग मिला। वारदात के बाद भाग रहे हमलावरों ने टोल टैक्स नकद में नहीं बल्कि यूपीआई के जरिए चुकाया था। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच एजेंसियां आरोपियों तक पहुंचने में सफल रहीं। पुलिस का मानना है कि यह तकनीकी सुराग पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में निर्णायक साबित हुआ।
बिहार से गिरफ्तार हुआ कुख्यात आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में एक की पहचान बिहार के बक्सर जिले के पांडेयपट्टी निवासी विशाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है। बंगाल एसटीएफ ने छापेमारी कर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए कोलकाता लेकर आई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विशाल पर हत्या, आर्म्स एक्ट और मारपीट समेत करीब एक दर्जन आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
OLX की तस्वीर से बनाई गई फर्जी नंबर प्लेट
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी। हमलावरों ने जिस कार का इस्तेमाल किया, उसकी नंबर प्लेट फर्जी थी। सूत्रों के मुताबिक, सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति द्वारा OLX पर कार बेचने के लिए डाली गई तस्वीर से नंबर प्लेट की जानकारी लेकर नकली प्लेट तैयार करवाई गई थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
चुनावी माहौल के बीच हुई थी सनसनीखेज हत्या
यह सनसनीखेज वारदात 6 मई की रात उस समय हुई थी, जब पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म था। मध्यग्राम की सड़कों पर चंद्रनाथ रथ पर चार गोलियां चलाई गई थीं, जिनमें सीने और हाथ में गोली लगने से उनकी मौत हो गई। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे षड्यंत्र और मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।