Jharkhand Big News: झारखंड कांग्रेस में असंतोष की लहर तेज हो गई है, जहां मंत्री राधा कृष्ण किशोर और प्रदेश नेतृत्व के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अपनी ही सरकार और संगठन के खिलाफ बयानबाजी करने के कारण किशोर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ उन्हें मंत्री पद से मुक्त करने की तैयारी चल रही है. किशोर ने प्रदेश अध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा हो गई है.
संगठन में पक्षपात और भेदभाव के गंभीर आरोप
मंत्री राधा कृष्ण किशोर का आरोप है कि कांग्रेस संगठन के भीतर निर्णय लेने में दोहरा मापदंड और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है. उन्होंने इस संबंध में प्रभारी के. राजू को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है. किशोर का तर्क है कि संगठन को मजबूत करने के बजाय व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं में रोष है.
निष्कासन और नियुक्तियों के फैसलों पर नाराजगी
पार्टी के भीतर असंतोष तब और गहरा गया जब किशोर ने योगेंद्र साव और रमा खलखो के मामलों में पार्टी के रुख पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एक ओर योगेंद्र साव को तीन साल के लिए निष्कासित कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक आलोचना झेल रहीं रमा खलखो को चुनाव प्रबंध समिति जैसे महत्वपूर्ण पद से नवाजा गया. इन विरोधाभासी फैसलों को उन्होंने पार्टी के लिए नुकसानदेह बताया है.
संगठन की संरचना पर प्रहार करते हुए किशोर ने 81 विधानसभा क्षेत्रों के लिए बनाई गई 314 सदस्यीय विशाल समिति की उपयोगिता को भी चुनौती दी है. उनका कहना है कि इतनी बड़ी समितियां केवल कागजी साबित हो रही हैं और धरातल पर इनका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस आंतरिक कलह को शांत करने के लिए क्या रुख अपनाता है.