Ranchi News: सदर अस्पताल के सर्जन डॉ. अजीत कुमार धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। उनकी LIC पॉलिसियों की मैच्योरिटी राशि ठग ने फर्जी तरीके से निकाल ली, जिससे स्वास्थ्य महकमे में भी हलचल मच गई है। यह मामला वित्तीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
2009 की पॉलिसी, 2020 में किसी और ने किया क्लेम
जानकारी के अनुसार, डॉ. अजीत कुमार ने वर्ष 2009 में दो ULIP पॉलिसियां ली थीं, जिनमें प्रत्येक की राशि 20-20 हजार रुपये थी। ये पॉलिसियां 4 दिसंबर 2019 को मैच्योर हो गई थीं, लेकिन कोविड-19 के दौरान व्यस्तता के कारण वे समय पर क्लेम नहीं कर सके। बाद में पता चला कि 2020 में ही किसी अन्य व्यक्ति ने उनकी राशि निकाल ली।
फर्जी “अजीत कुमार” के खाते में गई रकम
जांच में सामने आया कि ठगी की गई राशि रांची के दीपाटोली स्थित SBI के एक बैंक खाते में ट्रांसफर की गई, जो किसी दूसरे “अजीत कुमार” के नाम पर है। इस गंभीर मामले में डॉक्टर ने 5 मई को LIC के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और राशि वापसी की मांग की है।
दूसरों की मदद करने वाला डॉक्टर अब न्याय के लिए संघर्ष में
डॉ. अजीत कुमार वही व्यक्ति हैं जिन्होंने एक बेघर 75 वर्षीय महिला को उसके परिवार से मिलाने में अहम भूमिका निभाई थी और कई गंभीर मरीजों का सफल इलाज किया है। अब वही डॉक्टर खुद न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे यह मामला न केवल धोखाधड़ी बल्कि सिस्टम की खामियों को भी उजागर करता है।