NEWS 26 IMPACT: झारखंड सरकार द्वारा राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा व पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का यह कड़ा फैसला "न्यूज़ 26 झारखंड" की मुहिम का सीधा परिणाम है. हाल ही में चैनल द्वारा किए गए एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि कैसे जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में प्रतिबंध के बावजूद माफिया सक्रिय हैं और धड़ल्ले से इन जानलेवा उत्पादों की बिक्री की जा रही है. खबर प्रसारित होने और जमीनी हकीकत सार्वजनिक होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन को यह सख्त आदेश जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
कानूनी प्रावधान और एक वर्ष के लिए प्रतिबंध
जन-स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है. यह प्रतिबंध "खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006" की धारा 30(2)(a) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है. आदेश के अनुसार, किसी भी ब्रांड के तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, थोक व फुटकर बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. यह आदेश राज्य के गजट में प्रकाशन की तिथि से अगले एक वर्ष तक के लिए प्रभावी रहेगा.
स्वास्थ्य मंत्री के पुराने दावों पर गंभीर सवाल
इस नए आदेश ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के पुराने वादों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिया है. गौर करने वाली बात यह है कि 19 फरवरी 2025 को भी स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर इसे "जनता की जिंदगी बचाने का संकल्प" बताया था. हालांकि, मंत्री के उस दावे के एक साल बीत जाने के बाद भी राज्य में गुटखा माफिया का नेटवर्क जस का तस बना रहा. सवाल यह उठता है कि जब एक साल पहले ही कड़े संकल्प की बात कही गई थी, तो जमीनी स्तर पर इसका पालन क्यों नहीं हुआ? क्या सरकारी तंत्र की मिलीभगत से माफिया फल-फूल रहे थे, जिसका पर्दाफाश अब "न्यूज़ 26 झारखंड" के स्टिंग में हुआ है?
सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान
नए दिशा-निर्देशों के तहत अब किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि कोई भी दुकानदार, थोक वितरक या निर्माता इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसमें न केवल भारी जुर्माना शामिल है, बल्कि दोषी पाए जाने पर जेल भेजने का भी प्रावधान है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों को बढ़ावा देने वाले इन उत्पादों की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा ताकि झारखंड के युवाओं के भविष्य को नशे की आग से बचाया जा सके.