Jamshedpur: साकची स्थित मेडिसिस्ट ईएनटी एंड जनरल हॉस्पिटल में मंगलवार दोपहर उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब कुछ युवकों ने अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. बीमरजीत प्रधान पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों तथा उनके परिजनों के बीच भी दहशत फैल गई। हमले में डॉक्टर को चोटें आईं, जिसके बाद तत्काल सूचना साकची थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर युवक वहां से फरार हो चुके थे।
इलाज के बाद खर्च को लेकर बढ़ा विवाद
इस घटना के पीछे इलाज में कथित लापरवाही और खर्च को लेकर विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, राजहंस कुमार नामक मरीज का 24 अप्रैल को टॉन्सिल का ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद उसे लगातार ब्लीडिंग की समस्या होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर उसे टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराना पड़ा। मरीज के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उत्पन्न हुई इस स्थिति के लिए मेडिसिस्ट अस्पताल जिम्मेदार है, इसलिए टीएमएच में हुए इलाज का पूरा खर्च अस्पताल प्रबंधन को उठाना चाहिए।
डॉक्टर ने दी अपनी सफाई
वहीं, डॉ. बीमरजीत प्रधान ने इस मामले में अपनी बात रखते हुए बताया कि 29 अप्रैल को मरीज को ब्लीडिंग की शिकायत के बाद दोबारा इलाज कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि 3 मई को जब मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ी, तब उसे बेहतर उपचार के लिए टीएमएच रेफर किया गया। डॉक्टर के अनुसार, मरीज के परिजन अचानक उनके चैंबर में घुस आए और बिना किसी ठोस कारण के उनके साथ मारपीट करने लगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है।
आईएमए ने जताई नाराजगी, सुरक्षा की उठाई मांग
डॉक्टर पर हमले की सूचना मिलते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और इस घटना की कड़ी निंदा की। संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निजी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। आईएमए ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा।