Jharkhand: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के काफिले में शामिल एक जिप्सी वाहन हजारीबाग के चौपारण से रांची लौटने के दौरान इटखोरी मोड़, पदमा के पास अचानक खराब हो गई। इस वजह से उन्हें करीब एक घंटे तक बीच सड़क पर रुकना पड़ा। उस समय क्षेत्र में तेज बारिश भी हो रही थी, जिससे स्थिति और भी असहज हो गई। काफी प्रयासों के बाद वाहन को किसी तरह ठीक किया गया, तब जाकर वे अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहला मामला नहीं है जब मरांडी के काफिले की गाड़ियां रास्ते में खराब हुई हों। इससे पहले इसी साल जनवरी में तिलैया क्षेत्र में भी उनके काफिले की गाड़ी अचानक खराब हो गई थी। इसके अलावा उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी के भी कई बार बीच रास्ते में खराब होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
पुरानी और जर्जर गाड़ियों पर उठी चिंता
बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई गई बुलेटप्रूफ गाड़ियां और काफिले के अन्य वाहन काफी पुराने हो चुके हैं और कई सालों से उपयोग में हैं। इन वाहनों की स्थिति जर्जर बताई जा रही है, जिससे बार-बार तकनीकी खराबी की समस्या सामने आती है। राज्यभर में लगातार दौरा करने वाले नेता प्रतिपक्ष के लिए ऐसी स्थिति सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन गई है।
सरकार पर लापरवाही का आरोप
इस मामले को लेकर मरांडी पहले भी सरकार का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। उन्होंने हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर बताया था कि राज्य में सुरक्षा के लिए खरीदे गए कई बुलेटप्रूफ वाहन उपयोग में नहीं लाए जा रहे हैं, जबकि पुराने और जर्जर वाहन ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही न केवल असुविधा पैदा करती है, बल्कि सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।