Jharkhand: रांची में 3 मई 2026 को आयोजित एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पार्टी के नए संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी से मंजूरी मिलने के बाद कांग्रेस भवन में यह सूची जारी की गई। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें एआईसीसी के सचिव सह-प्रभारी भूपेंद्र मारावी, सतीश पॉल मुंजनी, अभिलाष साहू, सोनाल शांति और राजन वर्मा शामिल थे।
कई नई कमिटियों का गठन, संगठन को मजबूत करने पर जोर
नए ढांचे के तहत पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर कई महत्वपूर्ण कमिटियों का गठन किया है, जिनमें पीसीसी कार्यकारी समिति, राजनीतिक मामलों की समिति, समन्वय समिति, अभियान समिति, परिसीमन समिति, चुनाव प्रबंधन समिति और एसआईआर समिति शामिल हैं। इन कमिटियों का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना और आने वाले चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना है।
बड़ी संख्या में पदाधिकारियों की नियुक्ति
नई कार्यकारी समिति में एक कोषाध्यक्ष के साथ 16 उपाध्यक्ष, 43 महासचिव, 44 पीसीसी कोऑर्डिनेटर, 81 सचिव और 44 संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। इनमें से 14 उपाध्यक्षों को राज्य की अलग-अलग संसदीय सीटों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि 2 उपाध्यक्ष संगठन के विभागों और फ्रंटल संगठनों के समन्वय का काम संभालेंगे।
जिलों और क्षेत्रों में पदाधिकारियों की तैनाती
पार्टी ने 34 महासचिवों को जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ मिलकर जिलों और विभिन्न क्षेत्रों में प्रभारी के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके। वहीं अन्य महासचिवों को संगठन, मीडिया, कम्युनिकेशन, मॉनिटरिंग, प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं। इसी तरह 34 पीसीसी कोऑर्डिनेटर को भी जिलों में तैनात किया जाएगा, जबकि 10 को पूरे राज्य में समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
विधानसभा और बूथ स्तर तक विस्तार की योजना
नई संरचना के तहत 81 सचिवों को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भेजा जाएगा और 44 संयुक्त सचिव उनकी सहायता करेंगे। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बूथ स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।
परफॉर्मेंस के आधार पर पदाधिकारियों का मूल्यांकन
जेपीसीसी के पदाधिकारियों का कार्यकाल पांच वर्षों का होगा, लेकिन हर साल जून में उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। जिनका प्रदर्शन बेहतर होगा, उन्हें पद पर बनाए रखा जाएगा, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पदोन्नति भी दी जाएगी।
चुनाव और रणनीति पर विशेष फोकस
राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) में 34 सदस्य होंगे, जो राज्य की राजनीतिक रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं अभियान समिति आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार-प्रसार की योजना बनाएगी। चुनाव प्रबंधन समिति को स्थानीय निकाय से लेकर बड़े चुनावों की तैयारी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि परिसीमन समिति INDIA गठबंधन के साथ मिलकर सीमांकन से जुड़े प्रस्तावों पर काम करेगी।
कार्यकर्ताओं को दिया भरोसा, सभी को मिलेगा मौका
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को अभी पीसीसी में जगह नहीं मिल पाई है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। आने वाले समय में उन्हें विभिन्न विभागों और फ्रंटल संगठनों में जिम्मेदारी दी जाएगी और भविष्य में संगठन में स्थान देने पर भी विचार किया जाएगा।
नियमित समीक्षा बैठकों से होगी मॉनिटरिंग
पार्टी नेतृत्व ने यह भी तय किया है कि झारखंड प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष राज्य के पांचों संभागों में हर तीन महीने पर समीक्षा बैठक करेंगे। इसके अलावा PAC और समन्वय समिति की भी नियमित बैठकें होंगी, जबकि अभियान और चुनाव प्रबंधन से जुड़ी टीमों के साथ हर महीने समीक्षा की जाएगी, ताकि संगठन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।