Palamu News: पलामू जिले के पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के बदले 10 हजार रुपये की अवैध मांग करने का गंभीर मामला सामने आया है. इस घटना पर मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग तत्काल एक्शन मोड में आ गया है. विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लेबर रूम में तैनात तीन नर्सों को उनके पद से हटा दिया है.
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और नर्सों पर कार्रवाई
पांकी के चिकित्सा प्रभारी महेंद्र कुमार ने पुष्टि की है कि लेबर रूम से हटाई गई नर्सों में एक नियमित नर्स और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत दो अन्य नर्सें शामिल हैं. प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मरीजों के शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है. मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई है.
विभागीय जांच और दंडात्मक प्रक्रिया शुरू
पद से हटाए जाने के साथ ही इन नर्सों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. चिकित्सा प्रभारी के अनुसार, हटाए गए सभी कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है. विभाग का लक्ष्य है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सेवाओं के बदले पैसे मांगे जाने जैसी घटनाओं पर पूर्ण विराम लग सके.
सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता पर जोर
इस घटना ने स्वास्थ्य प्रशासन को और अधिक सतर्क कर दिया है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में जहां गरीब मरीज सुविधाओं के लिए आश्रित हैं. हटाए गए सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) और अन्य नर्सों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. सरकार की प्राथमिकता अब यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले किसी भी मरीज को आर्थिक शोषण का सामना न करना पड़े और स्वास्थ्य योजनाएं बिना किसी बाधा के आम जनता तक पहुंचें.