Ranchi News : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत रांची जिले में हुए विशेष ऑडिट में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ऑडिट रिपोर्ट में करीब 26.5 करोड़ रुपये की दवाओं, उपकरणों और अन्य सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
टेंडर नियमों की अनदेखी, कोटेशन के आधार पर हुई करोड़ों की खरीद
ऑडिट जांच में सामने आया कि इतनी बड़ी राशि की खरीद के लिए निर्धारित टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार खुली निविदा (टेंडर) के जरिए खरीद होनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय सीमित कोटेशन के आधार पर खरीदारी की गई। इतना ही नहीं, खरीद से पहले सार्वजनिक सूचना जारी करने जैसे आवश्यक प्रक्रियात्मक नियमों का भी पालन नहीं किया गया। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई मामलों में भुगतान से संबंधित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि वित्तीय नियमों का उल्लंघन कर मनमाने तरीके से खर्च किया गया।
ग्राम स्वास्थ्य समितियों और योजनाओं में भी गड़बड़ी के संकेत
ऑडिट रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में ग्राम स्वास्थ्य समितियों और उपकेंद्रों को करोड़ों रुपये आवंटित किए गए, लेकिन खर्च का समुचित विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गई हैं, जिससे लाभार्थियों के चयन और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
सिविल सर्जन को शोकॉज नोटिस, विभागीय कार्रवाई की तैयारी
इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों, विशेषकर सिविल सर्जन को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। उनसे स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि नियमों का उल्लंघन क्यों हुआ और बिना उचित प्रक्रिया के इतनी बड़ी राशि कैसे खर्च की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।