Bargi Dam Tragedy: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी दम में हुए क्रूज हादसे के 40 घंटे बाद भी 6 लोग लापता हैं. लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है, लेकिन वक्त बीतने के साथ परिजनों की उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं. अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
43 लोग थे सवार, रेस्क्यू जारी लेकिन समय के साथ बढ़ रही चिंता
जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय क्रूज पर कुल 43 लोग सवार थे. दुर्घटना के बाद से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं.
इसके बावजूद 6 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीम लगातार जुटी हुई है. हालांकि, 40 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद किसी के जिंदा मिलने की उम्मीद बेहद कम मानी जा रही है.
सीएम ने लिया जायजा, जिम्मेदारों पर गिरी गाज
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. परिजनों के दर्द को देखकर वे भी भावुक हो गए. सीएम ने हादसे की जांच के आदेश देते हुए साफ कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटे लाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र को निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा होटल मेकल रिजॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को भी लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर दिया गया है.
क्रूज संचालन पर रोक, मुआवजा और सम्मान की घोषणा
घटना के बाद पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने पूरे राज्य में क्रूज संचालन पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है. साथ ही सभी क्रूज की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए गए हैं. राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले 9 लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. वहीं केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री ने 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही हादसे के दौरान लोगों की जान बचाने वाले लोगों को 51-51 हजार रुपये देकर सम्मानित किया जाएगा.
कैसे हुआ हादसा, तेज आंधी बनी बड़ी वजह
यह हादसा गुरुवार शाम उस समय हुआ, जब पर्यटक क्रूज में सवार होकर सफारी का आनंद ले रहे थे. इसी दौरान अचानक तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और उसमें पानी भरने लगा. कुछ ही देर में हालात बेकाबू हो गए और क्रूज डूबने लगा. उस समय अफरा-तफरी मच गई. बताया जा रहा है कि तेज आंधी के कारण महिलाएं और बच्चे क्रूज के कैबिन में चले गए थे और डूबते वक्त बाहर नहीं निकल पाए. यही वजह है कि मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. डूबे हुए क्रूज को करीब 18 घंटे बाद पानी से बाहर निकालकर किनारे लाया गया, लेकिन उसमें कोई शव नहीं मिला.
बरगी डैम का यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया है, सुरक्षा इंतजाम, मौसम की चेतावनी और लापरवाही पर अब जांच जारी है. फिलहाल सबसे बड़ी चिंता उन 6 लोगों की है, जो अब भी लापता हैं. जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिजनों की उम्मीदें टूट रही हैं, और पूरा प्रदेश इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है.