Chakradharpur Rail Division: चक्रधरपुर रेल मंडल में लंबे समय से ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान यात्रियों के लिए अब राहत की उम्मीद जगी है। रेल मंडल प्रशासन ने परिचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार कार्य शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया ने विधायक सरयू राय से मुलाकात कर चल रहे कार्यों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रेनों के समय पर संचालन को लेकर गंभीरता से काम किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को अनावश्यक देरी से निजात मिल सके।
तकनीकी सुधार और अपग्रेडेशन पर जोर
डीआरएम तरुण हुरिया ने बताया कि मंडल में ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक, सिग्नल, प्वाइंट और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के पूरा होने के बाद परिचालन प्रणाली अधिक सुचारू हो जाएगी और ट्रेनों के देर से चलने की समस्या में काफी कमी आएगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेनों की देरी के पीछे कई अन्य कारण भी होते हैं, जिनकी जानकारी विधायक को दी गई, ताकि समस्या की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
विधायक ने दिए सुझाव, पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा
इस मौके पर सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने बताया कि योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद विधायक सरयू राय ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि ट्रेनों को जल्द से जल्द समय पर चलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बता दें कि हाल ही में सरयू राय ने ट्रेनों की देरी को लेकर स्टेशन पोर्टिको में धरना दिया था और हस्ताक्षर अभियान के जरिए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिससे यह विषय चर्चा में आया।
नई लाइनों के निर्माण से बढ़ेगी क्षमता
रेल मंडल द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। विभिन्न स्थानों पर लूप लाइन बिछाने का कार्य जारी है, जिससे ट्रायंगल सेक्शन पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके। इसके अलावा टाटानगर में चौथी लाइन निर्माण के साथ-साथ सीनी, चाईबासा, गम्हरिया और चांडिल तक तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना पर भी काम प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल परिचालन में गति और क्षमता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
डीआरएम की यात्रा को लेकर चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
सूत्रों के मुताबिक डीआरएम तरुण हुरिया बुधवार शाम राउरकेला-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस से टाटानगर पहुंचे थे और वहां से नांदेड एक्सप्रेस के जरिए चक्रधरपुर लौट गए। हालांकि, उनके द्वारा किसी स्टेशन का औपचारिक निरीक्षण किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। बावजूद इसके, रेल मंडल में चल रहे सुधार कार्यों से यात्रियों को आने वाले समय में बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।