Bokaro News: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के सुदर्शन कैंटीन में क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ ने भारत सरकार और सेल प्रबंधन की नौकरी छीनों नीति के खिलाफ जोरदार आक्रोश सभा की. यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सिंह ने मुंबई से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर मजदूरों को संबोधित किया और प्रबंधन पर साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जिस प्लांट को मजदूरों ने अपने खून-पसीने से सींचकर सर्वश्रेष्ठ उत्पादन दिया, आज वहीं से उनकी रोजी-रोटी छीनने की कोशिश हो रही है.
निरंकुश प्रबंधन और मजदूरों का उत्पीड़न
मजदूर नेताओं ने बोकारो प्रबंधन को पूरी तरह निरंकुश करार देते हुए कहा कि मजदूरों को उनके प्राप्त अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. हक की आवाज उठाने वाले कामगारों को मानसिक और प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. सभा में आरोप लगाया गया कि स्किल्ड मजदूरों के आश्रित इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं और अधिकारी इन समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बने हुए हैं.
मेडिकल सुविधा और सुरक्षा में कटौती पर नाराजगी
यूनियन ने मेडिकल बुकिंग की अवधि घटाने पर भी कड़ा एतराज जताया. पहले यह अवधि तीन महीने की थी, जिसे घटाकर अब केवल एक महीना कर दिया गया है, जिससे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इसके अलावा, प्लांट के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा भी उठा. नेताओं का कहना है कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अधिकारी ठोस सुरक्षा उपाय करने के बजाय अपनी सुख-सुविधाओं में व्यस्त हैं.
चक्का जाम और आर-पार की लड़ाई का ऐलान
छंटनी की खबरों पर कड़ा रुख अपनाते हुए महामंत्री राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि 40 प्रतिशत की छंटनी तो दूर, यदि एक भी मजदूर को एक दिन के लिए भी काम से बाहर किया गया, तो पूरे प्लांट का चक्का जाम कर दिया जाएगा. इस सभा को शशिभूषण, जुम्मन खान और अमित यादव सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित कर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.