Jamshedpur: बागबेड़ा इलाके में लोको पायलट जीके गौतम की हत्या मामले में पुलिस की जांच एक ठोस दिशा में बढ़ती नजर आ रही है। शुरुआती जांच में यह मामला जमीन विवाद से जुड़ी "सुपारी किलिंग" की ओर इशारा कर रहा है। मृतक की पत्नी रीना रानी के बयान के आधार पर बागबेड़ा कॉलोनी निवासी राजकिशोर सिंह, उनके बेटे अविनाश सिंह और एक अन्य पुत्र के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जीके गौतम का जमीन और ठेकेदारी के कारोबार में बड़ा निवेश था और इसी कारण पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे गंभीर रूप लेता गया।
करोड़ों के निवेश और पुराना विवाद बना कारण
जांच में यह बात भी सामने आई है कि जीके गौतम ने रेलवे ठेकेदारी और रियल एस्टेट के क्षेत्र में लगभग 8 से 10 करोड़ रुपये तक का निवेश किया था। बागबेड़ा के सीपी टोला क्षेत्र में जमीन की प्लॉटिंग और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन को लेकर उनका आरोपियों के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था।
रांची से संदिग्ध हिरासत में, शूटरों तक पहुंचने की कोशिश
मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर रांची से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि वह एक आरपीएफ जवान का बेटा है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इससे पहले हिरासत में लिए गए पांच अन्य लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। अब पुलिस इस नए संदिग्ध से मिली जानकारी के आधार पर असली शूटरों तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
वारदात की रात सुनसान जगह पर मारी गई गोली
घटना की रात का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी फुटेज और शुरुआती जांच में सामने आया है, जो इस वारदात की गंभीरता को दर्शाता है। 26 अप्रैल की रात करीब 12:35 बजे जीके गौतम टाटानगर स्टेशन से रेलवे ट्रैफिक कॉलोनी स्थित लॉबी की ओर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावर उनका पीछा कर रहे थे। स्टेशन टीओपी के पास भीड़ अधिक होने के कारण हमलावरों ने मौके का इंतजार किया और जैसे ही गौतम लॉबी गेट के पास अपेक्षाकृत सुनसान स्थान पर पहुंचे, बदमाशों ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल सटाकर गोली मार दी। पोस्टमार्टम के दौरान उनके सिर से एक गोली बरामद की गई है।
अन्य एंगल पर भी जांच, कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पुलिस इस मामले को हर पहलू से खंगाल रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि गौतम टाटानगर स्टेशन की पार्किंग निविदा में भाग लेने की तैयारी कर रहे थे, हालांकि उनकी पत्नी ने उन्हें इससे दूर रहने की सलाह दी थी। पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से देख रही है। बागबेड़ा थाना प्रभारी उमेश ठाकुर के अनुसार, मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली जा रही है, ताकि हत्या से पहले हुए संदिग्ध संपर्कों का पता लगाया जा सके। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
परिवार में मातम, शहर में आक्रोश
मृतक जीके गौतम मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के खरूई गांव के निवासी थे। घटना के बाद उनके परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले गए। वहीं पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।