Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-04-28

Tata Steel Adventure Foundation: TSAF के साथ 8 सदस्यों ने पूरा किया एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक 2026, –25°C में भी नहीं टूटा हौसला

Tata Steel Adventure Foundation: टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के नेतृत्व में 8 सदस्यों की टीम ने अप्रैल 2026 में सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक पूरा कर एक नई मिसाल कायम की. कठिन मौसम, ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण रास्तों के बावजूद टीम ने 17,598 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर अपने लक्ष्य को हासिल किया.
कैसे पूरी हुई चुनौतीपूर्ण EBC ट्रेक यात्रा
टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रशिक्षक राथू महतो के नेतृत्व में यह ट्रेक 11 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया. टीम में कुल 8 प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें 1 महिला और 7 पुरुष थे. सभी प्रतिभागियों की उम्र 35 से 63 वर्ष के बीच थी, जो इस ट्रेक को और भी खास बनाता है. टीम ने दुध कोशी नदी के किनारे-किनारे ट्रेक करते हुए नामचे बाजार तक का सफर तय किया. नामचे बाजार को शेरपा समुदाय के लिए जाना जाता है. इस दौरान प्रतिभागियों को तेंगबोचे जैसे खूबसूरत गांवों में शेरपा संस्कृति और जीवनशैली को करीब से समझने का मौका मिला.

–25°C तापमान, बर्फबारी और तेज हवाओं के बीच दिखा जज्बा
इस ट्रेक के दौरान टीम को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. तापमान शून्य से नीचे गिरकर –25°C तक पहुंच गया था. तेज हवाएं, लगातार बर्फबारी, रोजाना लंबी पैदल यात्रा और बढ़ती ऊंचाई जैसी चुनौतियों के बावजूद टीम का उत्साह बना रहा. इन सभी मुश्किलों के बीच सभी 8 प्रतिभागियों ने धैर्य, साहस और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए सफलतापूर्वक 17,598 फीट ऊंचे एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल किया.

इस ट्रेक में शामिल प्रतिभागियों की सूची 
डोनाल्ड मेनेज़ेस, नीरज निद्रे, डॉ. विजय निद्रे, डॉ. कुमार राहुल, अवंतिका सिंह, अभय कुमार सिंह, मुकेश कठाई, शशिकांत गुप्ता.

प्रतिभागियों ने साझा किए अपने अनुभव
प्रतिभागी अभय कुमार सिंह ने इस यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि हिमालय की वादियों में यह अनुभव उनके धैर्य की परीक्षा लेने वाला था, लेकिन अंत में यह एक भावुक और गर्व से भरा पल साबित हुआ. उन्होंने टीम की सकारात्मक ऊर्जा और TSAF के मार्गदर्शन को इस सफलता का बड़ा कारण बताया. वहीं, अवंतिका सिंह ने इसे केवल एक ट्रेक नहीं बल्कि आत्मचिंतन की यात्रा बताया. उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से और मजबूत बनाया और एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचना उनके लिए गर्व और कृतज्ञता का क्षण था.

यह ट्रेक सिर्फ एक एडवेंचर नहीं बल्कि टीमवर्क, धैर्य और मजबूत इच्छाशक्ति का उदाहरण बनकर सामने आया है. TSAF के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने यह साबित किया कि उम्र या परिस्थितियां नहीं, बल्कि जज्बा ही असली ताकत होती है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !