Jamtara News : सदर अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नवजात की मां के गर्भ में ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
नीलदाहा गांव निवासी सुबल गोराई के अनुसार उनकी पत्नी अष्टमी गोराई की डिलीवरी 22 अप्रैल को होनी थी, लेकिन प्रसव पीड़ा नहीं होने पर 25 अप्रैल को उन्हें सदर अस्पताल लाया गया। आरोप है कि डॉक्टर ने जांच के बाद घर भेज दिया और सोनोग्राफी भी टाल दी। परिजनों का कहना है कि समय पर जांच होती तो बच्चे की जान बच सकती थी।
सिविल सर्जन ने जांच का दिया भरोसा
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सिविल सर्जन को आवेदन देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। भाजपा जिला महामंत्री कमलेश मंडल ने भी मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाए और चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
वहीं सिविल सर्जन एसपी मिश्रा ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।