Bokaro News : ट्रेजरी से फर्जी वेतन निकासी मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में तैनात एक होमगार्ड जवान को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।
शुरुआती जांच में आरोपी की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद CID की विशेष जांच टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया।मामला करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी से जुड़ा है, जिसकी जांच पहले से चल रही थी। जांच एजेंसियों को आरोपी के बैंक खाते से जुड़े लेन-देन में गड़बड़ियां मिलीं। बताया जा रहा है कि एक करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि ट्रांसफर के सुराग मिले हैं, जिसके बाद कार्रवाई तेज की गई। CID अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
एसपी ऑफिस के अकाउंट सेक्शन तक पहुंची जांच, कई दस्तावेज खंगाले गए
CID की एसआईटी टीम ने बोकारो पहुंचकर एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन से जुड़े दस्तावेजों, भुगतान आदेशों और बैंक रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान कई फर्जी भुगतान प्रविष्टियों की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, फर्जी निकासी लंबे समय से अलग-अलग खातों के जरिये की जा रही थी। मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग के कई कर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में लाई गई है। सीआईडी यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी निकासी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन स्तरों तक मिलीभगत रही। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
ट्रेजरी घोटाले की परतें खुल रहीं, राज्यभर में बढ़ सकती है जांच
इस मामले को झारखंड के चर्चित ट्रेजरी घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें कई जिलों में फर्जी वेतन निकासी की आशंका जताई गई है। CID की इस गिरफ्तारी को जांच में बड़ा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद राज्य के अन्य ट्रेजरी मामलों की जांच भी और तेज हो सकती है।
फिलहाल गिरफ्तार होमगार्ड जवान से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। CID का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच हर पहलू से जारी है।