Hazaribagh: हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत कविलाशी पंचायत के जंगलों में रविवार को अचानक भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही समय में बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। चिलचिलाती धूप और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते जंगल के बड़े हिस्से को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस आगजनी में बेशकीमती वन संपदा जलकर राख हो रही है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है।
धुएं से घिरा इलाका, ग्रामीणों को सांस लेने में परेशानी
जंगल में लगी आग इतनी तेज है कि उसकी लपटें और उठता धुआं दूर-दूर तक साफ नजर आ रहा है। पूरे कविलाशी पंचायत का इलाका धुएं के आगोश में आ गया है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी हो रही है और आसपास का तापमान भी काफी बढ़ गया है। ऐसे हालात में ग्रामीण अपने स्तर पर आग को रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
वन्यजीवों के अस्तित्व पर खतरा, गांव की ओर भाग सकते हैं जानवर
कविलाशी का यह जंगल कई प्रकार के वन्यजीवों और पक्षियों का आश्रय स्थल माना जाता है, लेकिन आग लगने के बाद अब इन सभी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। आग की चपेट में आकर पेड़-पौधों के साथ-साथ छोटे-बड़े जीव-जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में कई जंगली जानवर अपनी जान बचाने के लिए गांवों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका भी बढ़ गई है।
वन विभाग से कार्रवाई की मांग, नहीं तो पूरा जंगल जलने का खतरा
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने वन विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में सूखी पत्तियां आग को तेजी से फैलने में मदद करती हैं और अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो पूरा जंगल जलकर खत्म हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य शुरू करने की अपील की है।
एक ही दिन में आगजनी की चौथी घटना, तैयारियों पर उठे सवाल
बता दें कि हजारीबाग जिले में एक ही दिन में आग लगने की यह चौथी बड़ी घटना सामने आई है। इससे पहले बंशीलाल चौक के पास एक सैलून में आग लगी, दनुआ घाटी में ट्रेलर में आग लगी, जुलू पार्क के पास फर्नीचर की दुकान में आग की घटना हुई और अब दारू प्रखंड के जंगल में आग लगने से स्थिति गंभीर हो गई है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बिजली विभाग, वन विभाग और दमकल विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।