Jamshedpur: एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 3 मई को हुई दर्दनाक घटना, छत गिरने से हुई 3 बुज़ुर्ग मरीजों की मौत के मामले में सौरभ विष्णु का कहना है कि एक महीने बाद भी पीड़ित परिवारों को ना मुआवज़ा मिला, ना ही मृत्युप्रमाण पत्र, तो जनआक्रोश फूट पड़ा।
आज समाजसेवी और जननेता सौरभ विष्णु ने सैकड़ों समर्थकों के साथ एनडीसी ऑफिस के सामने ज़ोरदार धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि यह न केवल घोर लापरवाही का मामला है, बल्कि न्याय में हो रही देरी मृतकों और उनके परिजनों के साथ अन्याय है।
सौरभ ने बताया कि एमजीएम की मेडिसिन बिल्डिंग की छत गिरने से डेविड जॉनसन, लुकास साइमन तिर्की और श्रीचंद ताती की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। घटना के एक महीने बाद भी मृतकों के परिजनों को कोई सरकारी सहायता नहीं दी गई है और मृत्युप्रमाण पत्र तक जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि छत गिरने का मुख्य कारण अस्पताल के बगल में हो रही खुदाई हो सकती है, जो हैदराबाद की कंपनी KMV Project द्वारा की जा रही है। खुदाई के कारण मेडिसिन बिल्डिंग की नींव कमजोर हुई थी, जिसे बिना ठोस मरम्मत के सिर्फ बांस-भल्ले के सहारे खड़ा किया गया था। सौरभ ने आरोप लगाया कि KMV Project को जाँच से जानबूझकर बचाया जा रहा है।
सौरभ विष्णु ने 8 जून को साकची थाना में इस पूरे मामले पर लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक न तो कोई कार्यवाही हुई है और न ही कोई जाँच रिपोर्ट सामने आई है।
प्रदर्शन के दौरान सौरभ ने कहा, "तत्कालीन डीसी नए हैं, इसलिए हमने शांतिपूर्वक अपनी बात रखी है। लेकिन अगर अब भी कोई कार्यवाही नहीं होती है, तो हम उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे और इसकी ज़िम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।"
इस घटना ने शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं की जर्जर हालत और प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि दोषियों पर जल्द से जल्द कड़ी कार्यवाही हो और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले।