JPSC Exam Controversy 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के मॉडल उत्तर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. परीक्षा के तुरंत बाद जारी की गई उत्तर कुंजी में त्रुटियां सामने आने पर आयोग को उसे हटाना पड़ा, जिसके बाद संशोधित उत्तर दोबारा जारी किए गए. इस पूरे घटनाक्रम ने अभ्यर्थियों के बीच असमंजस और नाराजगी दोनों बढ़ा दी है.
जल्द जारी हुई कुंजी, अभ्यर्थियों ने पकड़ी गलतियां और बढ़ा विवाद
19 अप्रैल को आयोजित परीक्षा के बाद आयोग ने 20 अप्रैल की देर शाम दोनों प्रश्न पत्रों के मॉडल उत्तर वेबसाइट पर अपलोड कर दिए. शुरुआत में इसे तेज और पारदर्शी पहल माना गया, लेकिन कुछ ही समय में अभ्यर्थियों ने कई उत्तरों में त्रुटियां होने की बात उठानी शुरू कर दी. सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर इन गलतियों को लेकर चर्चा तेज हो गई, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे.
बिना सूचना हटाए गए उत्तर, फिर संशोधन के साथ दोबारा जारी आपत्तियों के लिए समय तय
मामला बढ़ने पर आयोग ने अगले ही दिन सुबह बिना पूर्व सूचना के मॉडल उत्तर वेबसाइट से हटा दिए, जिससे अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बन गई. हालांकि, उसी दिन शाम को संशोधित मॉडल उत्तर फिर से अपलोड कर दिए गए. आयोग ने दावा किया कि त्रुटियों में सुधार किया गया है और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अभ्यर्थियों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं. इसके लिए 24 अप्रैल शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.
छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया, आयोग की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस मामले पर छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने भी प्रतिक्रिया दी है. JPSC से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि लगातार उठ रहे सवालों के बाद आयोग को सुधार करना पड़ा. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में अधिक सावधानी जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बना रहे.
मॉडल उत्तर को लेकर हुई इस उठापटक ने आयोग की पारदर्शिता और तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब अभ्यर्थियों की नजर अंतिम उत्तर कुंजी पर है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि इस बार सभी त्रुटियों को पूरी तरह दूर किया जाएगा.