Seraikela: कुकड़ू प्रखंड के ओरया पंचायत में 15 अप्रैल को लाह उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण सह टूल किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिडकोफेड के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 170 चयनित लाह किसानों को टूल किट प्रदान किए गए, ताकि वे आधुनिक तकनीकों के साथ खेती कर सकें और उत्पादन में वृद्धि ला सकें। कार्यक्रम का आयोजन उपायुक्त के निर्देश पर किया गया, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक खेती और तकनीकी जानकारी पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को लाह की उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। इसमें वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग, फसल की देखभाल, रोग नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और बाजार तक पहुंच जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। किसानों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें व्यावहारिक रूप से भी प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे नई तकनीकों को आसानी से अपने खेतों में लागू कर सकें और बेहतर परिणाम हासिल कर सकें।
रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में पहल
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि लाह उत्पादन में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोजगार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से इस खेती को अपनाते हैं, तो उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। किसानों को समूह आधारित गतिविधियों से जुड़ने और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि वे संगठित होकर आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सकें।
अधिकारियों की मौजूदगी में सफल आयोजन
कार्यक्रम में जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर किसानों को जागरूक करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। यह आयोजन क्षेत्र में लाह उत्पादन को नई दिशा देने और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने की एक सार्थक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।