BREAKING: बिहार की सियासत में पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर आज विराम लग गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है. इससे पहले नीतीश कुमार ने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की और मंत्रियों के साथ विदाई फोटो खिंचवाई. करीब 20 साल तक सत्ता के केंद्र में रहने के बाद नीतीश कुमार अब राज्यसभा के जरिए दिल्ली की राजनीति में नई भूमिका निभाएंगे. उनके साथ विजय चौधरी जैसे करीबी नेता भी राजभवन मौजूद रहे.
सम्राट चौधरी सीएम रेस में सबसे आगे
नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. पटना स्थित भाजपा कार्यालय में इस समय विधायक दल की बैठक चल रही है, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद हैं. सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है. वहीं, नए समीकरणों के तहत जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी चर्चा में है.
कल होगा शपथ ग्रहण समारोह
इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज शाम एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का औपचारिक चुनाव किया जाएगा. इसके तुरंत बाद राजभवन में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह कल यानी 15 अप्रैल को लोकभवन में आयोजित हो सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है. खरमास खत्म होते ही बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है.