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  • 2025-06-03

Jamshedpur: जमशेदपुर में परिवार पर हमला: नशे में धुत युवकों की गुंडागर्दी, पुलिस की बेरुखी से डरा सहमा पूरा परिवार

Jamshedpur: शहर के पॉश इलाके में रहने वाला एक परिवार आज सदमे में है। बीते शाम एक बैंक कर्मचारी पीटेंस तिवारी जब अपने परिवार के साथ सैर के लिए निकले, तब उन्हें ऐसी भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। न केवल सड़क पर नशे में धुत युवकों ने उनकी कार पर हमला किया, बल्कि महिलाओं और बच्चे के साथ भी बदतमीजी करने का प्रयास किया गया, और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने इस पूरे मामले में कोई तत्परता नहीं दिखाई।
यह घटना एग्रीको गोलचक्कर के पास उस समय हुई जब पीटेंस तिवारी अपनी पत्नी सोमा पांडेय, दो साल के बेटे और साली सुमन पांडेय के साथ कार से घूमने निकले थे। भीड़भाड़ वाले इलाके में जब वे ‘खाऊ गली’ से गुजर रहे थे, तभी वहां खड़ी बाइकों से उनकी कार हल्की सी टकरा गई। वहां पर मौजूद नशे में धुत युवकों ने बिना कोई बात सुने ही परिवार पर हमला कर दिया। पहले पैसे की मांग की गई, फिर गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।

किसी तरह परिवार ने कार स्टार्ट कर भागने की कोशिश की, लेकिन बाइक सवार गुंडों ने पीछा किया, बार-बार कार में टक्कर मारी, शीशे तोड़े और कार रोक कर परिवार के पुरुष सदस्य को जबरन खींचने की कोशिश की। कार में मौजूद महिलाओं के साथ भी बदसलूकी और कपड़े फाड़ने का प्रयास किया गया। इस पूरे हमले से बचते हुए जब पीड़ित परिवार किसी तरह सीताराम डेरा थाना पहुंचा, तो वहां से उन्हें सिर्फ यह कहकर लौटा दिया गया कि यह मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है।

परेशान और डरे-सहमे परिवार ने गूगल से सिदगोड़ा थाने का नंबर खोज कर शिकायत की, जहां उन्हें व्हाट्सएप पर लिखित शिकायत भेजने को कहा गया। 12 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, न ही कोई कार्रवाई हुई।

इस घटना ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। पीड़ित परिवार ने बताया कि वे अभी भी डरे हुए हैं, खाना-पीना तक छोड़ चुके हैं, और बच्चे की हालत भी भय से खराब है।

"अगर शहर के बीचों-बीच ऐसा हो सकता है और पुलिस मदद नहीं करती, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित समझे?" यही सवाल आज जमशेदपुर के लोग पूछ रहे हैं।

अब जब मामला डीएसपी तक पहुंचा है, पुलिस ने जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन क्या यह देरी न्याय दिला पाएगी? यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे शहर के नागरिकों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

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