Jharkhand News: स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर अनुपम कच्छप की हत्या के आरोपी मनोहर कुमार सिंह और संजय सिंह की जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर 20 अप्रैल को सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच में यह मामला सूचीबद्ध किया गया है. झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत दोनों आरोपियों को राहत दी गई थी. इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ दी थी बेल
पिछले साल झारखंड हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को 25-25 हजार रुपए के निजी मुचलके और कड़ी शर्तों के साथ जमानत दी थी. शर्तों के मुताबिक, आरोपियों को अपने आधार कार्ड में कोई बदलाव नहीं करने और ट्रायल के दौरान गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश दिया गया था. राज्य सरकार का तर्क है कि ऐसे गंभीर मामले में आरोपियों का बाहर रहना जांच और गवाहों की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है, इसलिए उनकी जमानत रद्द की जानी चाहिए.
क्या था पूरा मामला
बता दें कि 2 अगस्त की देर रात स्पेशल ब्रांच के दरोगा अनुपम कच्छप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अगले दिन 3 अगस्त को उनका खून से लथपथ शव कांके थाना क्षेत्र के संग्रामपुर रिंग रोड स्थित एक होटल के पास से बरामद हुआ था. इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया था. अब 20 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या सुप्रीम कोर्ट आरोपियों को दोबारा जेल भेजने का आदेश देता है या उनकी जमानत बरकरार रहती है.