Jharkhand News: नगर विकास एवं आवास विभाग ने प्रशासनिक कार्यों में सुगमता लाने के लिए एक कड़ा आदेश जारी किया है. नए नियमों के मुताबिक, अब सेवा में आने के बाद कर्मी पूरे करियर में केवल एक बार ही उच्च वेतनमान वाले पद के लिए परीक्षा में बैठने की अनुमति (NOC) प्राप्त कर सकेगा. विभाग का तर्क है कि अधीनस्थ संवर्ग के कर्मी लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनुमति मांगते रहते हैं, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि विभागीय कामकाज के निष्पादन में भी गंभीर बाधा उत्पन्न होती है.
परीक्षा की तैयारी और जनहित का हवाला
विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कई कर्मी अपने मूल दायित्वों को निभाने के बजाय परीक्षाओं की तैयारी पर अधिक ध्यान देते हैं. इस प्रवृत्ति के कारण आम जनता के जरूरी कार्य प्रभावित होते हैं और सरकारी कार्यों के निष्पादन में रुकावट आती है. प्रशासन का मानना है कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से बार-बार परीक्षा की अनुमति देना उचित नहीं है, इसलिए अब करियर में केवल एक ही अवसर प्रदान किया जाएगा ताकि विभागीय कार्यों की निरंतरता बनी रहे.
तत्काल प्रभाव से लागू हुए नए नियम
इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. मुख्य बिंदुओं के अनुसार, एनओसी केवल उन्हीं परीक्षाओं के लिए दी जाएगी जिनका वेतनमान वर्तमान पद से अधिक होगा. विभाग के इस कड़े रुख के बाद कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है. जहां प्रशासन इसे कार्य-संस्कृति में सुधार का कदम बता रहा है, वहीं कर्मचारियों के बीच करियर की संभावनाओं को सीमित किए जाने को लेकर तीखी बहस और मिश्रित प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं.