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  • 2026-04-07

Jamshedpur News: जमशेदपुर में "श्री अन्न महोत्सव" का आयोजन, स्वदेशी जागरण मंच की पहल से मोटे अनाज और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा

Jamshedpur: स्वदेशी जागरण मंच द्वारा देशभर में स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार को लेकर लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से लोगों को स्थानीय उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में आंदोलन, रैली, विचार-वर्ग, सम्मेलन और स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाता है, ताकि लोगों के बीच स्वदेशी के प्रति विश्वास और उपयोग की भावना को मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही मंच मिलेट्स यानी मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि लोग स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ सकें।

बिष्टुपुर में ‘श्री अन्न महोत्सव’ का आयोजन, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए 7 अप्रैल 2026 की शाम 5:30 बजे बिष्टुपुर स्थित स्वदेशी जागरण मंच कार्यालय में ‘श्री अन्न महोत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आभा महतो और मीरा मुंडा मौजूद रहीं। इस आयोजन में जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों से करीब 35 महिलाओं ने भाग लिया, जिन्होंने रागी, ज्वार, बाजरा, सावां, मक्का, कोदो और चीना जैसे मोटे अनाजों से बने विविध व्यंजन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी महिलाओं ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए, बल्कि उनके पोषण संबंधी फायदों की भी विस्तृत जानकारी साझा की, जिससे उपस्थित लोगों को मिलेट्स के महत्व को समझने का अवसर मिला।

मिलेट्स को लेकर स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मीरा मुंडा ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पोषक तत्वों से भरपूर मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा देने का अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि आज के समय में संतुलित आहार और पौष्टिक भोजन की जरूरत पहले से अधिक बढ़ गई है, ऐसे में मोटे अनाज एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने विभिन्न संबोधनों में मिलेट्स को अपनाने और बेहतर पोषण के लिए इनके उपयोग पर जोर दे चुके हैं, जिससे इनकी महत्ता और बढ़ गई है।



भारतीय परंपरा से जुड़ा है मोटे अनाज का महत्व
आभा महतो ने अपने संबोधन में कहा कि मोटे अनाज भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहे हैं और इनके प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता में भी मिलते हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय खानपान और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है, जो देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं का योगदान बहुत अहम होता है। साथ ही उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच से इस अभियान को और तेज गति देने का आह्वान किया।

विशेषज्ञों ने बताए मोटे अनाज के फायदे
कार्यक्रम में अखिल भारतीय पर्यावरण प्रमुख बंदेशंकर सिंह ने कहा कि भारत की भूमि मोटे अनाज के उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त है और वर्तमान समय में विकसित देशों में भी इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं खादी ग्रामोद्योग के पूर्व सदस्य मनोज कुमार सिंह ने अन्न महोत्सव की विस्तृत जानकारी देते हुए मोटे अनाज के पोषण और स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला।

सफल आयोजन में कई लोगों का योगदान
कार्यक्रम की शुरुआत विषय प्रवेश के साथ डॉ. अनिल राय द्वारा की गई, जबकि मंच संचालन पंकज कुमार सिंह ने किया। इस दौरान लगभग 35 महिलाओं द्वारा तैयार किए गए व्यंजनों का विवरण संगीता श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिला संयोजक राजपति देवी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जटाशंकर पांडे, मंजू ठाकुर, अमित मिश्रा, सरोज सिन्हा, आशा सिंह, ममता सिंह, जे.के.एम. राजू, संजीत सिंह, के.पी. चौधरी, आभा कुमारी, रजनी ठाकुर, अंजू सिंह, नीतु सिंह, जे. हेमा, किरणजीत कौर, शारदा सिंह, दुर्गा सैनी, कंचन सिंह, चंदना रानी, प्राची, स्मिता, शकुंतला देवी, सुशीला नायर, कविता जेना, राजाराम, अभिषेक बजाज, संजीत प्रमाणिक, मनोज सखुजा, रमेश कुमार समेत बड़ी संख्या में स्वदेशी समर्थक मौजूद रहे।

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