Jamshedpur: जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में सोमवार को जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने की। इस बैठक में रांची से भारतीय रिजर्व बैंक के प्रबंधक शोहम शोम, नाबार्ड की डीडीएम जस्मिका बास्के, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) संजीव कुमार चौधरी समेत विभिन्न बैंकों और विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान जिले में चल रही सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय गतिविधियों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। खास तौर पर यह सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई कि जिले में वित्तीय समावेशन का लक्ष्य शत-प्रतिशत तक कैसे पहुंचाया जाए और अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं का लाभ कैसे सुनिश्चित किया जाए।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर
उपायुक्त ने सभी बैंकों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक लोगों को केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ें। इनमें अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं को केवल शाखाओं तक सीमित न रखते हुए घर-घर तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए जन-जागरूकता अभियान और विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केसीसी शिविर आयोजित करने के निर्देश
कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आगामी खरीफ फसल सीजन से पहले अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि किसानों को समय पर और आसानी से ऋण उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि किसान यदि समय पर आर्थिक सहयोग प्राप्त करें, तो उनकी उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि होगी, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बैंकिंग संकेतकों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में बैंकिंग से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें जमा-ऋण अनुपात, वार्षिक ऋण योजना की प्रगति, एसीपी बकाया, प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण और जमा की स्थिति जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, पीएमएफएमई, और पीएमईजीपी जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी गहन समीक्षा की गई, ताकि इनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
डिजिटल साक्षरता और नई क्रेडिट योजना का शुभारंभ
बैठक के दौरान जिले में डिजिटल वित्तीय साक्षरता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने माना कि डिजिटल जागरूकता बढ़ने से लोग बैंकिंग सेवाओं का बेहतर उपयोग कर पाएंगे। बैठक के अंत में उपायुक्त ने नाबार्ड की संभावित संबद्ध ऋण योजना 2026-27 (PLP) का औपचारिक शुभारंभ किया। यह योजना जिले में विभिन्न क्षेत्रों में ऋण की संभावनाओं का आकलन करने और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में काम करेगी।
समन्वय के साथ काम करने का निर्देश
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सभी बैंकों और विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी संस्थाएं मिलकर काम करेंगी तो जिले में वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाया जा सकेगा और विकास की गति को नई दिशा मिलेगी।