Jharkhand News : जिले के पतरातू क्षेत्र में रंगदारी और गोलीबारी की एक बड़ी साजिश का पुलिस ने खुलासा करते हुए उसे समय रहते विफल कर दिया। जानकारी के अनुसार, MGCPL कंपनी द्वारा बिना लेवी दिए ओवरब्रिज निर्माण कार्य शुरू किए जाने से नाराज अपराधियों ने फायरिंग की योजना बनाई थी।गुप्त सूचना के आधार पर रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के निर्देश पर पतरातू क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान रेलवे ओवरब्रिज के पास एक संदिग्ध कार और बाइक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही दोनों वाहन भागने लगे। बाइक सवार फरार हो गए, जबकि कार लोहे के गार्डर से टकरा गई, जिसके बाद उसमें सवार तीन आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी में मिले हथियार और जिन्दा कारतूस
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एक लोडेड देसी रिवॉल्वर, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने 29 मार्च की फायरिंग में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के निर्देश पर दोबारा घटना को अंजाम देने की योजना की जानकारी दी।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक देसी पिस्टल और दो अतिरिक्त जिंदा कारतूस भी बरामद किए। इसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अपराधियों में तुषार सिंह, मिथुन कुमार, अमन अंसारी, कुणाल सिंह उर्फ शिवम, बादल सिंह, सुमित पांडेय और सन्नी बेदिया शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों की तलाश जारी है और पूरे गिरोह को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि, यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं की जाती, तो पतरातू क्षेत्र में एक बार फिर फायरिंग की घटना हो सकती थी।