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  • 2026-04-05

Jamshedpur MGM Hospital: एमजीएम अस्पताल में परिवार नियोजन की सलाह को "बच्चा बदलने" से जोड़ बैठा पति, पुलिस पहुंचने के बाद सच्चाई आई सामने

Jamshedpur: एमजीएम अस्पताल में शनिवार शाम करीब 5 बजे एक मामूली गलतफहमी ने अचानक तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया। गायनिक वार्ड में भर्ती एक महिला को डॉक्टर द्वारा परिवार नियोजन के तहत नसबंदी की सलाह दी गई थी, लेकिन इस बात को महिला के पति ने गलत तरीके से समझ लिया।

देखते ही देखते स्थिति ऐसी बन गई कि अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मामले ने तूल पकड़ लिया।

तीसरे प्रसव के बाद दी गई थी सामान्य सलाह
जानकारी के अनुसार, गम्हरिया की रहने वाली महिला अपने तीसरे प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती थी। चिकित्सकों ने नियमित प्रक्रिया के तहत उसे परिवार नियोजन अपनाने की सलाह दी थी, जिसमें नसबंदी भी एक विकल्प के रूप में बताया गया।

यह सलाह आमतौर पर उन मामलों में दी जाती है, जहां परिवार पूरा हो चुका हो और आगे की योजना को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

शब्द की गलत समझ से बढ़ा विवाद
महिला के पति ने "नसबंदी" शब्द को गलत अर्थ में लेते हुए इसे "बच्चा बदलने" जैसी बात से जोड़ लिया। इस गलतफहमी के कारण वह घबरा गया और बिना पूरी जानकारी लिए तुरंत डायल 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा दी।

साथ ही उसने अस्पताल अधीक्षक को भी मामले की सूचना दी, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।

पुलिस जांच में खुली सच्चाई
शिकायत मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। अस्पताल के स्टाफ और महिला से बातचीत के बाद यह स्पष्ट हो गया कि डॉक्टर ने केवल परिवार नियोजन के तहत नसबंदी की सलाह दी थी, न कि बच्चे को बदलने जैसी कोई बात कही गई थी।

जांच में मामला पूरी तरह से गलतफहमी का निकला, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

पति ने मानी गलती, डॉक्टर से मांगी माफी
पुलिस ने महिला के पति को समझाते हुए बिना पुष्टि के ऐसी शिकायत करने से बचने की सलाह दी। इसके बाद पति ने अपनी गलती स्वीकार की और डॉक्टर से माफी भी मांगी।

अस्पताल प्रबंधन की अपील: अफवाह से बचें
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की कि किसी भी जानकारी को बिना समझे या पुष्टि किए अफवाह का रूप न दें। सही जानकारी और जागरूकता ही ऐसी स्थितियों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

जानकारी की कमी से बढ़ती हैं ऐसी घटनाएं
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि अधूरी जानकारी और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय कैसे अनावश्यक तनाव और भ्रम पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टरों से स्पष्ट जानकारी लेना और धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी है।
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