Pakur Fire Incident: झारखंड के पाकुड़ जिले के सिमलोंग ओपी क्षेत्र अंतर्गत छोटा कुटलो गांव में पति-पत्नी के बीच हुए एक मामूली विवाद ने बेहद खौफनाक रूप ले लिया. जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय ढेणा मुर्मू और उसकी पत्नी लुखीमुनि टुडू के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी. विवाद के बाद आपा खो चुके गुस्से में पागल पति ढेणा मुर्मू ने अपने ही घर में आग लगा दी. देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के पड़ोसियों लखीराम मुर्मू, चुनूस मुर्मू और सोनोत मुर्मू के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे चारों आशियाने पूरी तरह जलकर राख हो गए.
लाखों की संपत्ति स्वाहा, महिला गंभीर रूप से झुलसी
इस अप्रत्याशित तबाही में चारों परिवारों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई और लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई. घरों में रखे नकद रुपये, जमीन-जायदाद के जरूरी कानूनी कागजात, साल भर का अनाज (धान, चावल, सरसों, अरहर) और कपड़े जलकर नष्ट हो गए. ग्रामीण आग बुझाने में पूरी तरह बेबस नजर आए. इसी अफरा-तफरी के बीच घर से अपना सामान सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में 50 वर्षीय छमी मुर्मू की साड़ी में आग लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया है.
पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार
दिल दहला देने वाली इस घटना की सूचना मिलते ही सिमलोंग ओपी पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आगजनी के मुख्य आरोपी पति ढेणा मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या विवाद इतना बड़ा था कि उसने जानबूझकर इतने घरों को दांव पर लगा दिया. आरोपी के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. घटना के बाद से ही पूरे गांव में मातम और गहरा भय व्याप्त है.
प्रशासन ने बांटे तिरपाल और चावल
आगजनी के बाद बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हुए चारों पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से त्वरित सहायता पहुंचाई गई है. बीडीओ सह सीओ संजय कुमार के सख्त निर्देश पर जोरडीहा पंचायत के मुखिया जोसेफ मालतो तुरंत गांव पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और तत्काल राहत के तौर पर दो क्विंटल चावल, वस्त्र तथा रहने के लिए तिरपाल उपलब्ध कराए.