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  • 2026-04-02

Adityapur Industrial Area: गर्ग इंजीनियरिंग में हादसा, मजदूर की कटी उंगली, हादसे के बाद भी प्रबंधन की बेरुखी, न्याय के लिए भटक रहे परिजन

Adityapur Industrial Area: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के फेज-2 स्थित "गर्ग इंजीनियरिंग यूनिट 2" में काम के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां कार्यरत मजदूर विष्णुदेव कुम्हार का हाथ मशीन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी उंगली कट गई. आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने हादसे के बाद मजदूर का केवल प्राथमिक उपचार कराकर अपना पल्ला झाड़ लिया. घटना के कई महीने बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार को अब तक न तो कोई उचित मुआवजा दिया गया है और न ही भविष्य की सुरक्षा के लिए नौकरी का कोई ठोस आश्वासन मिला है.

भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
मजदूर के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ "भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ" खुलकर सामने आ गया है. संघ के कोल्हान प्रभारी संजय गोराई ने पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ कंपनी प्रबंधन से मुलाकात कर एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा है. उन्होंने प्रबंधन से मानवीय आधार पर विचार करते हुए घायल मजदूर को तत्काल उचित मुआवजा और कंपनी में स्थायी रोजगार देने की मांग की है. संजय गोराई ने कहा है कि यदि प्रबंधन जल्द ही कोई सकारात्मक और सम्मानजनक निर्णय नहीं लेता है, तो संगठन कंपनी गेट पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा.

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन
मजदूर संघ ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. संघ का कहना है कि गर्ग इंजीनियरिंग परिसर में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की सरेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं. मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के खतरनाक मशीनों पर काम करने के लिए मजबूर किया जाता है. इतना ही नहीं, कंपनी में काम करने वाले मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जाती है. इस मनमानी और शोषण को लेकर यह कंपनी पहले भी कई बार विवादों के घेरे में आ चुकी है. 

सड़कों पर उतरेगा मजदूर संघ, प्रशासन से दखल की मांग
संजय गोराई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई में मजदूरों को सुरक्षित माहौल देना प्रबंधन की पहली संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन की हठधर्मिता के खिलाफ अब चुप नहीं बैठा जाएगा और जरूरत पड़ी तो वे मजदूरों के हक के लिए सड़कों पर उतरेंगे. इस घटना ने एक बार फिर आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्रियों में लेबर लॉ और सेफ्टी ऑडिट की पोल खोल कर रख दी है. अब देखना यह होगा कि फैक्ट्री इंस्पेक्टर और जिला प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं.
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