Adityapur Garbage Issue: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में कचरा उठाव की समस्या अब बेहद गंभीर हो गई है, जो न सिर्फ शहर की सुंदरता को बिगाड़ रही है बल्कि जन-स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन गई है. इस बदहाली का मुख्य कारण नगर निगम और कचरा उठाने वाली निजी कंपनी के बीच सिस्टम और आपसी तालमेल की भारी कमी है. नगर निगम और ठेकेदार के बीच चल रही इस खींचतान में शहर की बेकसूर जनता पिसने को मजबूर है. ठेकेदार की घोर लापरवाही, सफाई गाड़ियों के चालकों के बीच आपसी विवाद और अधिकारियों की लचर निगरानी ने मिलकर शहर को डंपिंग यार्ड बना दिया है.
अधिकारियों ने माना- जिम्मेदारी निभाने में फेल रही कंपनी
इस पूरे मामले पर नगर निगम के अधिकारियों ने भी दबी जुबान में स्वीकार किया है कि अनुबंधित “क्यूब कंपनी” कचरा उठाने की अपनी बुनियादी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले चालकों के बीच तालमेल की भारी कमी है, जिसके कारण कई वार्डों में हफ्तों तक सफाई गाड़ियां पहुंच ही नहीं रही हैं. नियमित कचरा उठाव न होने से मोहल्लों में सड़न और बदबू फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
जनता की मांग: रद्द हो क्यूब कंपनी का ठेका, लगे भारी जुर्माना
कचरे के ढेर और निगम की बेरुखी से त्रस्त आदित्यपुर के नगर वासियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है. स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम के वरीय अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि लापरवाह क्यूब कंपनी के ठेकेदार पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए. जनता का कहना है कि या तो इस कंपनी का अनुबंध (टेंडर) तुरंत रद्द किया जाए या फिर इस पर भारी जुर्माना ठोका जाए. इसके अलावा, लोगों ने मांग की है कि शहर की सफाई व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही तय करने के लिए एक पारदर्शी और प्रभावी डिजिटल प्रणाली बनाई जानी चाहिए.
मेयर संजय सरदार की फटकार, कार्रवाई की दी चेतावनी
इधर, मामले के तूल पकड़ने के बाद आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने खुद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. उन्होंने क्यूब कंपनी के ठेकेदार को तलब कर जमकर फटकार लगाई है और सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द शहर में नियमित कचरा उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. मेयर ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो नगर निगम विवश होकर ठेकेदार के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाएगा. फिलहाल, देखना होगा कि इस फटकार के बाद आदित्यपुर की सड़कों को कचरे से मुक्ति मिलती है या नहीं.