Jamshedpur: जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र में 30 मार्च को हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने 1 अप्रैल को वसुंधरा स्टेट के समीप स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट भवन के एक जर्जर क्वार्टर में छापेमारी कर घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से अवैध हथियार, जिंदा गोलियां और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
घटना का पूरा विवरण
घटना 30 मार्च 2026 की है, जब डिमना बस्ती रोड स्थित उमा टिफिन के पास ऑल्टो कार में सवार विक्रम सिंह उर्फ विक्की पर कृष्णा सिंह उर्फ लल्ला, राखाल कुम्भकार, विकास महतो और उनके एक अन्य साथी ने मिलकर हत्या की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में विक्की गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना के बाद विक्की सिंह के लिखित आवेदन पर उलीडीह ओपी में कांड संख्या दर्ज करते हुए धारा 109(1), 118(2), 3(5) BNS एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
SIT का गठन और छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के मार्गदर्शन में पटमदा डीएसपी बचनदेव कुजूर के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 1 अप्रैल को छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
कृष्णा सिंह उर्फ लल्ला (23 वर्ष), निवासी शंकोसाई रोड नंबर 4, खड़ियाबस्ती, थाना उलीडीह ओपी, जिला पूर्वी सिंहभूम
राखाल कुम्भकार (27 वर्ष), निवासी डिमना बस्ती, थाना उलीडीह ओपी, जिला पूर्वी सिंहभूम
राहुल सिंह सरदार (23 वर्ष), निवासी डिमना बस्ती, थाना उलीडीह ओपी, जिला पूर्वी सिंहभूम
विकास महतो उर्फ बिके (23 वर्ष), निवासी नेप्च्यून-5/5, आस्था स्पेस टाउन, थाना उलीडीह ओपी, जिला पूर्वी सिंहभूम
आरोपियों के पास बरामद सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी पिस्तौल (मैगजीन सहित), एक देशी कट्टा, 7.65 एमएम के दो जिंदा कारतूस, 8, एमएम का एक जिंदा कारतूस व घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल बरामद किया है।
पुरानी रंजिश में रची गई साजिश
पुलिस पूछताछ में विकास महतो ने बताया कि करीब तीन साल पहले विक्की सिंह ने उसके भाई के साथ मारपीट की थी और उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए सभी आरोपियों ने मिलकर विक्की की हत्या की योजना बनाई और इस घटना को अंजाम दिया।
अपराधिक इतिहास भी आया सामने
जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। राखाल कुम्भकार के खिलाफ वर्ष 2020 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज है, वहीं कृष्णा सिंह उर्फ लल्ला के खिलाफ वर्ष 2025 में BNS और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका है।
छापेमारी टीम के सदस्य
इस कार्रवाई में पटमदा डीएसपी बचनदेव कुजूर के नेतृत्व में ओपी प्रभारी मो. शारिक अली, अनुसंधानकर्ता रविन्द्र पाण्डेय, विजय कुमार, विवेक पाल, अभिषेक कुमार, सैमुल मुंडु सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।