Ranchi News: राष्ट्रीय स्तर की एथलीट, साइकिलिस्ट और पर्वतारोही आशा मालवीय ने आज डीजीपी से मुलाकात कर अपनी आर्थिक कठिनाइयों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के कारण वे नई साइकिल नहीं खरीद पा रही थीं, जिससे उनके अभियान पर असर पड़ रहा था।मामले की गंभीरता को समझते हुए डीजीपी ने तुरंत पहल की। उन्होंने आईजी ऑपरेशन माइकल राज और आईजी मयूर पटेल को निर्देश दिया कि आशा मालवीय को अविलंब साइकिल उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका अभियान बिना किसी बाधा के जारी रह सके। डीजीपी की इस त्वरित कार्रवाई को व्यापक रूप से सराहा जा रहा है।
100 और 200 मीटर दौड़ की पूर्व राष्ट्रीय एथलीट रह चुकी हैं, पर्वतारोहण में भी गाड़े हैं कई झंडे
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के एक छोटे से गांव से आने वाली आशा मालवीय ने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। वे 100 और 200 मीटर दौड़ की पूर्व राष्ट्रीय एथलीट रह चुकी हैं और पर्वतारोहण में भी कई ऊंचे शिखरों को फतह कर चुकी हैं।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश लेकर आशा अब तक हजारों किलोमीटर की साइक्लिंग यात्रा पूरी कर चुकी हैं। 11 जनवरी को जयपुर से शुरू हुआ उनका अभियान अरुणाचल प्रदेश के कीबिथू तक लगभग 7,800 किलोमीटर का है, जिसमें वे अब तक 5,200 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुकी हैं।
उनका यह अभियान देशभर के युवाओं, खासकर युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। एसपी अजय कुमार ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दे रहा है। डीजीपी की इस पहल ने न सिर्फ एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की मदद की है, बल्कि यह भी दिखाया है कि संवेदनशील नेतृत्व किस तरह समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।