Adityapur: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना से एक विवादित मामला सामने आया है, जहां नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद उसकी बरामदगी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि बेटी मिलने की सूचना पर जब वे थाना पहुंचे, तो उन्हें न्याय मिलने के बजाय अपमान और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।
परिजनों ने सुनाई आपबीती
पीड़ित परिवार के अनुसार, उनकी बेटी 8 जनवरी से लापता थी, जिसके बाद उन्होंने थाना, पुलिस अधीक्षक और डीआईजी को लिखित शिकायत देकर मदद की गुहार लगाई थी। बेटी के लापता रहने के दौरान परिवार लगातार तनाव, डर और मानसिक पीड़ा से गुजर रहा था और उसकी तलाश में इधर-उधर भटक रहा था।
एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
परिजनों के आवेदन के बाद पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर मामले में तेजी लाई गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि नाबालिग को कथित तौर पर एक शिक्षक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को बरामद कर लिया।
थाना में मारपीट का आरोप
लड़की की बरामदगी की सूचना मिलने पर जब उसकी मां थाना पहुंची, तो उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी ने उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, थाना प्रभारी पर भी यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने मदद करने के बजाय उल्टा झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी।
पुलिस का पक्ष और बढ़ता विवाद
इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी विनोद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि थाना में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। वहीं, दूसरी ओर आरोपी पक्ष के परिजनों और पीड़ित परिवार के बीच थाना परिसर के बाहर भी विवाद और हंगामा हुआ। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।