MGM Hospital Jamshedpur: जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने एक सख्त और त्वरित निर्णय लिया है. आगामी सोमवार से अस्पताल की विभिन्न खिड़कियों में लॉक (ताले) लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा. बार-बार मरीजों द्वारा खिड़कियों से कूदकर जान देने या घायल होने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल 100 लॉक मंगाए हैं. इस कदम का उद्देश्य वार्डों में भर्ती मरीजों को किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचाना और अस्पताल परिसर को सुरक्षित बनाना है.
अस्थायी समाधान के रूप में खिड़कियों को किया जाएगा जाम
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि खिड़कियों से कूदने के मामलों को रोकने के लिए यह एक अनिवार्य और तात्कालिक सुरक्षा उपाय है. वर्तमान में खिड़कियों के माध्यम से बाहर निकलने का रास्ता सुलभ होने के कारण गंभीर या मानसिक रूप से तनावग्रस्त मरीज आसानी से बाहर कूद जाते हैं. जब तक इन खिड़कियों में लोहे की रॉड (ग्रिल) लगाने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उन्हें तालों की मदद से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
मरीजों की जान बचाने के लिए "प्रशासनिक ढाल"
पिछले कुछ समय में एमजीएम अस्पताल में खिड़कियों से कूदने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. अस्पताल प्रबंधन ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए यह स्पष्ट किया है कि मरीजों की जान बचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. खिड़कियों को बंद करने का यह प्रयास फिलहाल एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा, जिससे वार्डों के भीतर मरीजों की निगरानी करना भी नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा गार्डों के लिए आसान हो जाएगा.
स्थायी समाधान के लिए ग्रिल लगाने की भी योजना
हालांकि खिड़कियों में ताले लगाना एक अस्थायी प्रबंध है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने लंबी अवधि की सुरक्षा के लिए खिड़कियों में मजबूत लोहे की रॉड लगवाने की योजना भी तैयार की है. इसके लिए आवश्यक बजट और अनुमति की प्रक्रिया पर काम चल रहा है. तब तक मरीजों के परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों को इस नए सुरक्षा बदलाव के साथ तालमेल बिठाने को कहा गया है. सोमवार से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के बाद एमजीएम अस्पताल के वार्डों में सुरक्षा का स्तर पहले से अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है.