Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र स्थित कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। घटना के तीन दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं होने से गांव में शोक के साथ-साथ गुस्सा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
परिजनों का आरोप दुष्कर्म के बाद हत्या
बच्ची का शव संदिग्ध स्थिति में मिलने के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। शव की हालत देखकर परिजन और ग्रामीण घटना को अत्यंत क्रूर बता रहे हैं।
72 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के 72 घंटे से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद न तो अपराधियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही शव का अंतिम संस्कार हो पाया है। इसको लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद जिला प्रशासन की सक्रियता नजर नहीं आ रही है।
भाजपा नेताओं का गांव पहुंचकर प्रदर्शन की चेतावनी
घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल सहित कई विधायक और नेता कुसुंबा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
नेताओं ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो सोमवार को हजारीबाग बंद कराया जाएगा। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पूरे झारखंड में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
नेताओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक अब तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं और अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
भाजपा नेता अमर बाउरी ने भी इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई दिनों से शव गांव में पड़ा है, लेकिन कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पुलिस की सफाई जांच जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी
वहीं, विष्णुगढ़ के एसडीपीओ बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को जांच में लगाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
पूरे राज्य में गूंजा मामला
इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। सामाजिक संगठनों और आम लोगों द्वारा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिस पर प्रशासन की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है।