Palamu Job Scam: पलामू के पांच युवाओं को रूस में जेसीबी ऑपरेटर की नौकरी और भारी-भरकम वेतन का सपना देखना महंगा पड़ गया. ठगों ने उंटारी थाना क्षेत्र के जोगा निवासी संतोष पाल, आशीष चंद्रवंशी, विकास पाल, लवलेश चौधरी और संजीत पाल को अपने जाल में फंसाकर कुल 6.25 लाख रुपये ऐंठ लिए. सुनहरे भविष्य की उम्मीद में इन युवाओं ने अपनी जमा पूंजी गवां दी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो गया है.
प्रज्ञा केंद्र की आड़ में अयोध्या का “ठग” चला रहा था गिरोह
मेदिनीनगर टाउन पुलिस ने इस मामले में नावाजयपुर में प्रज्ञा केंद्र चलाने वाले मुख्य आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अयोध्या (खंडास) का रहने वाला है. वह पलामू में प्रज्ञा केंद्र की आड़ में भोले-भाले ग्रामीणों को निशाना बनाता था. पुलिस जांच में पता चला है कि अनिल ने युवाओं को पूरी तरह फर्जी “जॉब ऑफर लेटर” थमाकर उनका विश्वास जीता था, ताकि मोटी रकम वसूली जा सके.
फर्जी ऑफर लेटर और दस्तावेजों से बनाया शिकार
ठगी के शिकार युवाओं को जब रूस का नियुक्ति पत्र मिला, तो उन्हें अपनी कामयाबी पर यकीन हो गया था. हालांकि, संदेह होने पर जब दस्तावेजों की बारीकी से जांच कराई गई, तो सारा सच सामने आ गया, वे कागजात पूरी तरह फर्जी थे. तब तक आरोपी युवाओं से सवा छह लाख रुपये वसूल चुका था. पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और प्रज्ञा केंद्र संचालक को दबोच लिया.
सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी तेज
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. मेदिनीनगर पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट ने पलामू और आसपास के जिलों में और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है. प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी दिलाने वाले अनधिकृत केंद्रों और व्यक्तियों से सावधान रहें और किसी भी लेन-देन से पहले दस्तावेजों का सत्यापन जरूर करें.