Assam Assembly Election 2026: असम विधानसभा चुनाव के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी चुनावी रणनीति साफ कर दी है. कांग्रेस के साथ गठबंधन की बातचीत विफल होने के बाद पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है और 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी ने असम की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पार्टी अब पड़ोसी राज्य में अपने जनाधार के विस्तार की कोशिशों में जुट गई है.
कल्पना सोरेन और सुदिव्य सोनू को मिली बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी ने बुधवार को अपने स्टार प्रचारकों की आधिकारिक सूची जारी की, जिसमें झारखंड की राजनीति के तीन प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया है. गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, झारखंड के नगर विकास मंत्री सह गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद को असम में पार्टी का चेहरा बनाया गया है. कल्पना सोरेन की लोकप्रियता और सुदिव्य सोनू के संगठनात्मक अनुभव का लाभ उठाकर JMM असम के मतदाताओं को साधने की कोशिश करेगी.
आदिवासी और चाय बागान क्षेत्रों पर विशेष फोकस
JMM की इस रणनीति के पीछे असम में रहने वाली बड़ी आबादी है, जिसका सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव झारखंड से है. असम के चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 70 लाख “टी-ट्राइब्स” (चाय जनजातियों) के बीच JMM अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है. पार्टी इन समुदायों के लिए “अनुसूचित जनजाति” (ST) के दर्जे की मांग को प्रमुख मुद्दा बना रही है. स्टार प्रचारकों का चयन भी इसी आधार पर किया गया है ताकि वे इन समुदायों के बीच अपनी बात मजबूती से रख सकें.
9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को आएंगे नतीजे
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है. राज्य में एक ही चरण में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी. JMM के अकेले चुनाव लड़ने से असम के कई क्षेत्रों में मुकाबला अब बहुकोणीय हो गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि JMM आदिवासी और प्रवासी वोटों को एकजुट करने में सफल रही, तो वह असम की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभा सकती है.