CBI Raid Ranchi: रांची के हटिया स्थित मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम ने अचानक दबिश दी. सीबीआई की यह कार्रवाई मुख्य रूप से वाणिज्य (Commercial) विभाग पर केंद्रित है. जांच टीम इमरजेंसी कोटा (EQ) के आवंटन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और कंप्यूटर डेटा को खंगाल रही है. सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि हटिया रेलवे डिवीजन में कन्फर्म टिकटों के खेल में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं.
बिचौलियों और रसूखदारों की मिलीभगत का संदेह
जांच का मुख्य केंद्र रेल कर्मियों और बाहरी एजेंटों के बीच की संभावित साठगांठ है. आरोप है कि रेल टिकटों का "इमरजेंसी कोटा", जो वास्तव में बीमारों और बेहद जरूरतमंद यात्रियों के लिए होता है, उसे रसूखदारों और बिचौलियों को बेच दिया जा रहा था. सीबीआई की टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि पिछले कुछ महीनों में किन आधारों पर टिकट कन्फर्म किए गए और क्या इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक लेन-देन शामिल है. विभाग के वरिष्ठ लिपिकों और संबंधित अधिकारियों से कोटे की आवंटन प्रक्रिया पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है.
कार्यालय में मची अफरा-तफरी, बाहरी लोगों का प्रवेश बंद
जैसे ही सीबीआई की टीम डीआरएम ऑफिस पहुंची, रेल प्रशासन के भीतर हड़कंप मच गया. टीम ने कार्रवाई शुरू करते ही कार्यालय के प्रवेश द्वारों को अपने नियंत्रण में ले लिया और किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर आने पर रोक लगा दी. फाइलों की जांच के दौरान ऑफिस के भीतर तनावपूर्ण माहौल बना रहा. रेल कर्मियों के बीच इस छापेमारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं, क्योंकि इमरजेंसी कोटा आवंटन हमेशा से विवादों के घेरे में रहा है.
शाम तक हो सकते हैं बड़े खुलासे
फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और टीम ने कई संदिग्ध फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है. माना जा रहा है कि डिजिटल साक्ष्यों और अलॉटमेंट रिकॉर्ड के मिलान के बाद शाम तक कुछ रेल अधिकारियों या बिचौलियों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है. यदि साक्ष्य पुख्ता पाए जाते हैं, तो इस मामले में गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है. दक्षिण पूर्व रेलवे के इस महत्वपूर्ण मंडल में सीबीआई की इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है.