Electricity Bill Rebate: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहतों का पिटारा खोल दिया है. आयोग द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता अपना बिजली बिल जारी होने के 5 दिनों के भीतर भुगतान करता है, तो उसे कुल बिल राशि पर 2% की विशेष छूट (रिबेट) प्रदान की जाएगी. इसके अलावा, आयोग ने वितरण निगम को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं को जारी किए जाने वाले बिलों को सरल बनाया जाए, ताकि आम आदमी अपनी खपत और शुल्कों को आसानी से समझ सके.
प्रीपेड मीटर अपनाने पर 3% अतिरिक्त छूट और सुरक्षा राशि की वापसी
डिजिटल ट्रांजैक्शन और स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने बड़े बदलाव किए हैं. अब किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता को मीटर रेंट (Meter Rent) नहीं देना होगा. वहीं, जो उपभोक्ता प्रीपेड मीटरिंग का विकल्प चुनेंगे, उन्हें एनर्जी चार्ज पर 3% की अतिरिक्त छूट मिलेगी. साथ ही, प्रीपेड मीटर लगने के एक महीने के भीतर उपभोक्ता की जमा की गई पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट (सुरक्षा राशि) वापस करनी होगी. यह कदम उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटरिंग की ओर आकर्षित करने के लिए उठाया गया है.
इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर एनर्जी के लिए सस्ती हुई बिजली
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, पब्लिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों के लिए टैरिफ में कटौती की गई है. सौर घंटों (सुबह 9:00 से शाम 4:00 बजे तक) के दौरान चार्जिंग दर 7.00 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जिसमें 4.24% की कमी आई है. गैर-सौर घंटों के लिए यह दर 8.70 रुपये होगी. ग्रीन एनर्जी टैरिफ को भी घटाकर 0.95 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है. रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए ग्रॉस मीटरिंग दर 4.16 रुपये और नेट मीटरिंग दर 3.80 रुपये प्रति किलोवाट ऑवर निर्धारित की गई है.
वर्चुअल सुनवाई और बेहतर संवाद पर जोर
आयोग ने उपभोक्ता शिकायतों के निवारण के लिए वितरण निगम को “कंज्यूमर ग्रिएवेंस रिड्रेसल फोरम” (CGRF) की कार्यवाही वर्चुअल मोड में संचालित करने का निर्देश दिया है. अब CGRF के सदस्यों और उपभोक्ताओं के बीच हर महीने सीधा संवाद आयोजित किया जाएगा, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके. साथ ही, हर बिजली बिल पर “CGRF” का विवरण देना अनिवार्य कर दिया गया है. इन बदलावों का उद्देश्य बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है.