Gold-Silver Price Today: लगातार 9 दिनों की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखा गया है. घरेलू बाजार में एक ही दिन में सोना करीब 5,500 रुपये महंगा हो गया, जबकि चांदी में 12,000 रुपये से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है.
MCX पर सोना-चांदी में जोरदार उछाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत करीब 4% बढ़कर 1,44,434 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई. वहीं चांदी भी करीब 5.5% की तेजी के साथ 2,36,137 रूपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का असर साफ दिखा. सोना 2% से ज्यादा बढ़कर करीब 4,568 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया. वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर भी 3.8% चढ़कर 4,569 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया. चांदी की कीमत भी वैश्विक बाजार में मजबूत रही और यह बढ़कर करीब 73.94 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई.
तेजी के पीछे क्या हैं बड़े कारण
इस अचानक आई तेजी के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं. सबसे अहम वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की खबरें हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संकेतों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और सोने की मांग मजबूत हुई. इसके अलावा, डॉलर में कमजोरी भी एक बड़ा कारण रही. डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने से सोना निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो गया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार को सपोर्ट दिया, जिससे सोने में खरीदारी बढ़ी.
खतरा अभी भी बरकरार, बाजार में अनिश्चितता
हालांकि तेजी के बावजूद बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. होर्मुज स्ट्रेट पर हालात और इजरायल-ईरान के बीच तनाव अभी भी चिंता का कारण हैं. अमेरिका द्वारा सैनिकों की तैनाती और ऊर्जा कीमतों में संभावित उछाल से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है. अगर महंगाई बढ़ती है, तो ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं, जो सोने की कीमतों पर दबाव डाल सकती हैं.
पिछले दिनों क्यों गिरा था सोना
मार्च महीने में सोने की कीमतों में करीब 15% तक गिरावट देखी गई थी. इसकी वजह वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई को लेकर चिंता रही.
इसके अलावा, कुछ केंद्रीय बैंक अपनी मुद्रा को संभालने के लिए सोना बेचने पर विचार कर रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बना था.
फिलहाल बाजार में तेजी लौट आई है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है. निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि बाजार अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है.