Baharagora: बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुडसाई इलाके के स्वर्णरेखा नदी में मिले द्वितीय विश्व युद्ध के अमेरिकी बम को सेना की विशेषज्ञ टीम ने नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय कर सुरक्षित विस्फोट कर दिया। यह कार्रवाई पूरी सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता के साथ सम्पन्न हुई।
बता दें कि 17 मार्च को कुछ मछुआरे नदी में मछली पकड़ने गए थे, तभी उन्हें सिलेंडर के आकार की एक भारी धातु की वस्तु मिली। पास जाकर देखने पर वह बम जैसा प्रतीत हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जांच में यह अमेरिकी एएन-एम 64 मॉडल का 227 किलोग्राम वजन वाला बम निकला। विशेषज्ञों ने बताया कि यह बम अत्यंत संवेदनशील स्थिति में था, इसलिए निष्क्रिय करना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
इलाके को किया गया सील
सुरक्षा कारणों से बम मिलने वाले इलाके के आसपास लगभग एक किलोमीटर का क्षेत्र पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया। पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात कर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।
निगरानी और तकनीकी तैयारी
संपूर्ण ऑपरेशन के दौरान ड्रोन और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर इलाके की सतत निगरानी की गई। जिससे किसी भी अप्रत्याशित घटना पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
सुरक्षित निष्क्रियता के उपाय
सेना की बम निरोधक टीम ने नदी किनारे 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर बम को उसमें रखा और नियंत्रित विस्फोट कर उसे निष्क्रिय कर दिया। आसपास के इलाकों को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए।
ग्रामीणों और प्रशासन की भूमिका
घटना के बाद स्थानीय लोग अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर चले गए। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने का अनुरोध किया।
सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के चलते बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर विस्फोट किया गया। अग्निशमन विभाग और NDRF पूरी तरह अलर्ट पर थे, जिससे ऑपरेशन पूरी तरह सुरक्षित रहा।