Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो, आजाद नगर निवासी एम.डी. समसुद्दीन ने अपनी 24 वर्षीय पुत्री फरहीन परवीन की मौत के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है. फरहीन का विवाह 27 जुलाई 2021 को घाटशिला के गरुनीम बस्ती निवासी मोहम्मद समीर के साथ हुआ था. 18 मार्च 2026 को परिजनों को सूचना मिली कि संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मृत्यु हो गई है. ससुराल पक्ष का दावा है कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, जबकि पिता ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है.
दहेज के लिए प्रताड़ना और कार की मांग का आरोप
पिता द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, विवाह के बाद से ही फरहीन को उसके पति मोहम्मद समीर, ससुर मोहम्मद मुशीर, सास शहनाज बेगम, देवर फरहान और चाची सास रुखसार द्वारा दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था. आरोप है कि सास द्वारा बार-बार कार की मांग की जाती थी और मांग पूरी न होने पर फरहीन को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ-साथ खाना-पीना तक नहीं दिया जाता था. फरहीन ने फोन पर कई बार अपने परिजनों को इस प्रताड़ना की जानकारी दी थी.
साक्ष्य मिटाने के लिए जल्दबाजी में दफनाने का दावा
मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी पुत्री की हत्या करने के बाद साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से बिना किसी विधिसम्मत पोस्टमार्टम के ही शव को जल्दबाजी में दफन कर दिया गया. फरहीन की माँ और चाची ने दफन की रस्मों के दौरान मृतका के शरीर पर पोस्टमार्टम से संबंधित कोई निशान नहीं देखा. जब पुलिस से इस बारे में पूछा गया, तो उन्हें गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया. पिता का कहना है कि उन्होंने घाटशिला थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
फोटो और वीडियो ने बढ़ाया संदेह, सुसाइड नोट पर धोखे से हस्ताक्षर का आरोप
परिजनों द्वारा बनाए गए फोटो और वीडियो के आधार पर घटना अत्यंत संदिग्ध प्रतीत हो रही है. आवेदन में उल्लेख है कि मृतका के पैरों और सिलाई मशीन के स्टैंड के बीच पर्याप्त दूरी थी, जिससे स्वयं फांसी लगाना संभव नहीं लगता. शरीर पर रक्त के थक्के भी पाए गए हैं. एक और गंभीर आरोप यह है कि ससुराल वालों ने अशिक्षित परिजनों से "अस्पताल के कागज" बताकर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करा लिए, जिसे अब "सुसाइड नोट" के रूप में पेश किया जा रहा है. पिता ने अब एसएसपी से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है.