Jamshedpur SIR: जमशेदपुर सहित पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने नियम कड़े कर दिए हैं. अब नए और मौजूदा मतदाताओं को यह प्रमाणित करना होगा कि वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में उनके माता-पिता या दादा-दादी में से किसी एक का नाम दर्ज था. प्री-एसआईआर अभियान के तहत बूथ स्तर पर सत्यापन का कार्य शुरू हो चुका है, जिसका उद्देश्य घुसपैठ रोकना और सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है.
बीएलओ के पास जमा करने होंगे पारिवारिक दस्तावेज
मतदाताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर के आधार पर परिजनों का पुराना ईपीआईसी (EPIC) नंबर निकालकर संबंधित बीएलओ से संपर्क करना होगा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बीएलओ द्वारा मैपिंग और पुख्ता सत्यापन के बाद ही किसी नाम को नई सूची में अंतिम रूप से शामिल किया जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए 28 और 29 मार्च को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां सुबह 10 से शाम 5 बजे तक रिकॉर्ड जमा किए जा सकते हैं.
लापरवाही बरतने पर कटेगा नाम, भेजा जाएगा नोटिस
जो मतदाता शिविरों में जाकर या बीएलओ के माध्यम से सत्यापन नहीं कराएंगे, उन्हें प्रशासन की ओर से व्यक्तिगत नोटिस भेजा जाएगा. नोटिस मिलने के बाद भी यदि निर्धारित समय में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर प्रमाण नहीं दिया गया, तो आगामी पुनरीक्षण में उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी और डुप्लीकेट नामों को बाहर करने के लिए यह कड़ा रुख अपनाया जा रहा है.
अप्रैल से चलेगा मुख्य अभियान, कम वोटिंग वाले बूथों पर नजर
अप्रैल के पहले सप्ताह से पूरे राज्य में मुख्य एसआईआर अभियान शुरू होगा, जिसमें नए नाम जोड़ने और मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाने का काम होगा. जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी विधानसभा क्षेत्रों में, जहां पिछले चुनावों में कम मतदान हुआ था, वहां विशेष फोकस रखा जा रहा है. प्रशासन की कोशिश है कि 2003 के रिकॉर्ड के जरिए पात्रता सुनिश्चित कर शत-प्रतिशत त्रुटिरहित और वैध मतदाता सूची तैयार की जा सके.